फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

40 प्रतिशत लोगों के पास नहीं ड्राइविंग लाइसेंस

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर।
विज्ञापन

यातायात नियमों की अनदेखी कर बेखौफ होकर लोग सड़कों पर वाहनों को खूब दौड़ा रहे हैं। ऐसे लोगों को न तो अपनी जान की परवाह है न ही किसी कार्रवाई का डर। एआरटीओ कार्यालय के आंकड़े कहते हैं कि जिले में 60 प्रतिशत लोग ही लाइसेंस धारक हैं, जबकि करीब 40 फीसदी लोग बिना डीएल के ही गाड़ी चला रहे हैं।
देशभर में 23 से 30 अप्रैल तक 29 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए हर दिन का अलग ही शेड्यूल है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता पैदा की जा रही है। परिवहन विभाग और पुलिस के नुमाइंदे लोगों को समझा समझाकर थक चुके हैं, लेकिन फिर भी लोग समझने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन

लोगों को खुद ही जागरूक होने की आवश्यकता है। यातायात नियमों का खुद भी पालन करना चाहिए और बाकी सभी लोगों को भी नियमों का पालन कराना चाहिए। ऐसा करने से हम खुद को भी सुरक्षित रख सकते हैं और दूसरे लोगों की भी जान बचा सकते हैं। एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करना हम सभी का परम कर्तव्य है। सभी लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक होना चाहिए। स्वेच्छा से ही हम सभी को ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए।

60 फीसदी ही हैं लाइसेंस धारक
एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार के अनुसार पूरे जिले में केवल 60 फीसदी लोग ही लाइसेंस धारक हैं, 40 प्रतिशत लोग बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही वाहनों का संचालन कर रहे हैं। ट्रैक्टर चालकों के पास डीएल काफी कम संख्या में हैं। यानी न के बराबर ही ट्रैक्टर चालक अपने डीएल बनवाते हैं।
विज्ञापन


बिना कामर्शियल लाइसेंस के चलाते हैं वाहन
कई चालक बिना कामर्शियल डीएल के ही व्यवसायिक वाहनों को चलाते हैं। चेकिंग होने पर इनसे अवैध वसूली करके छोड़ दिया जाता है। कभी-कभी कार्रवाई भी की जाती है। इसलिए इस प्रकार के चालक नियमानुसार अपने कामर्शियल डीएल नहीं बनाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें