बिजनौर में शादी के लिए सजा बेकट हाल
- फोटो : BIJNOR
वसंत पंचमी पर जिले में बजी शहनाइयां
बिजनौर। वसंत पंचमी पर बसंत रखा गया और मां सरस्वती की पूजा हुई। इसके साथ ही जिले भर में 500 से ज्यादा शादियां र्हुइं। मांगलिक कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हॉल बुक रहे। कई स्थानों पर शादी के लिए लोगों को जगह नहीं मिली। गांव देहात में टेंट लगाकर शादी की रस्म पूरी की गई। सड़कों पर दोपहर से लेकर रात तक बैंडबाजों के साथ बरात चढ़ती रहीं। जिससे कई स्थानों पर जाम भी लग गया। जिले खुलवाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
वसंत पंचमी के बाद अनबुझ साहलग होता है। इसके लिए लोगों ने पहले से ही बैंक्वेट हॉल, हलवाई, बैंडबाजा बुक करा लिए थे। जिले में करीब 400 बैंक्वेट हॉल हैं ये सभी मंगलवार को बुक रहे। वसंत पंचमी पर जिले में 500 से ज्यादा शादी र्हुइं। एक-एक बैंक्वेट हॉल में दो-दो शादियां भी रहीं। दिन रात के लिए ये बैंक्वेट हॉल बुक रहे। गांव देहात के लोगों ने बैंक्वेट हॉल नहीं मिलने पर गांव में ही टेंट लगाकर शादियों की रस्मों को पूरा किया। शादी की लोग कई दिनों से तैयारी करने में जुटे थे। जिन लोगों को बैंक्वेट नहीं मिले, उन्होने दो दिन बाद शादी कराने का मुहूर्त निकलवा लिया। कई लोगों के यहां 19 फरवरी को शादी है। शादी के लिए कार्ड बांट दिए गए हैं। ये लोग कह रहे हैं कि पंडित ने वसंत पंचती के बाद 19 फरवरी को शादी करने का मुहूर्त निकाला है। स्वयंवर बैंक्वेट हॉल के स्वामी विनीत अग्रवाल उर्फ लालू के मुताबिक वसंत पंचमी पर सभी बैंक्वेट हॉल बुक हैं। कई बैंक्वेट हॉल में दो दो शादियां भी हैं। मंगलवार को वसंत पंचमी के बदन कोई भी बैंक्वेट हॉल खाली नहीं रहा।
पीले चावल और कढ़ी का प्रसाद खाया
वसंत पंचमी पर लोगों ने वसंत रखने के बाद अपने घरों में मां सरस्वती की पूजा की। पीले कपडेे़े पहने व पीले रंग का ही भोजन किया। किसी ने घरों में पीले चावल तो किसी ने कढ़ी बनवाई। वसंत पंचमी पर पीला भोजन करना शुभ माना जाता है। लोगों ने पीले चावन और कढ़ी का प्रसाद भी बांटा।