बेटे का फर्ज निभा रहीं नूरपुर की शारदा
नूरपुर। हमारे समाज में आज भी कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने रूढ़िवादी समाज से लड़ते हुए मिसाल कायम की हैं। नूरपुर निवासी शारदा रानी ने माता पिता की सेवा के लिए शादी के बाद भी उनके साथ रहने का फैसला लिया। बेटी होने के बाद भी बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार किया।
पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह के छोटे भाई ऋषिराज सिंह की बेटी शारदा रानी अपने माता पिता की इकलौती बेटी हैं। करीब 10 वर्ष पूर्व उनकी शादी हुई थी। शारदा रानी ने बेटी होने के बाद भी बेटे का फर्ज निभाते हुए शादी के बाद भी माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया। बाल विकास विभाग में नौकरी करते हुए वह माता पिता की सेवा में लगी रहीं। पिता के बीमार होने पर उन्होंने दिल्ली से लेकर मुंबई तक उनका इलाज कराया। पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार भी किया। बेटी के द्वारा चिता को आग लगाने को लेकर लोगों ने काफी बातें भी कीं, लेकिन उन्होंने किसी का भी परवाह नहीं किया। बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी शारदा रानी का कहना है वह गर्व महसूस करती हैं कि उन्होंने समाज की रूढ़िवादी सोच को बदलने का काम किया है।