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Bijnor News: प्रबल हत्याकांड में महिला आयोग की सदस्य के पति-पुत्र समेत सात रसूखदारों को आजीवन कारावास

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बिजनौर में प्रबल हत्या में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद नारे लगाते दोषी विनय अग्रवाल व उनके
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बिजनौर। 14 साल पहले अग्रसेन जयंती समारोह के दौरान हुए प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला आयोग की सदस्य के पति और पुत्र समेत सात अभियुक्तों के खिलाफ आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पाए गए प्रत्येक अभियुक्तों के खिलाफ 1.25 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। समारोह में एक युवती से बात करने के आरोप में प्रबल की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी और शव गंगा में फेंक दिया गया था। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट डॉ. शहजाद अली ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनकर दिया।
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वर्ष 2012 में हुई प्रबल की हत्या में सजा पाने वालों में महिला आयोग की सदस्य संगीता अग्रवाल के पति विनय अग्रवाल और पुत्र अपूर्व अग्रवाल शामिल हैं। अभियुक्तों पर लगाए गए अर्थदंड की धनराशि में 90 फ़ीसदी रकम प्रबल की बहन को दी जाएगी। अभियोजन के मुताबिक आलोक अग्रवाल की ओर से शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई कि 19 दिसंबर 2012 की रात आठ बजे बिजनौर के शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित अग्रसेन जयंती समारोह में उनका बेटा प्रबल अग्रवाल शहर के ही आशीष अग्रवाल और सचिन अग्रवाल के साथ गया था। वहां युवती से बात करने का आरोप लगाते हुए प्रबल को पीटा गया। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करते हुए छुड़ाने का प्रयास भी किया। लेकिन आरोपी शराब के नशे में थे और वे प्रबल से पीटते हुए कहीं ले गए। जांच में सामने आया कि प्रबल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना छिपाने के लिए शव गंगा में फेंक दिया गया था। 15 जनवरी 2013 को प्रबल का शव हस्तिनापुर के गंगा खादर क्षेत्र में मिला था। इस मामले में पुलिस ने 18 मई 2013 को आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद आशु अग्रवाल के खिलाफ 26 जुलाई 2013 को दूसरा आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान सात आरोपियों को दोषी पाया। शुक्रवार को इन सभी सातों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और जेल भेज दिया गया। इससे पूर्व सभी आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे थे।

कोर्ट की टिप्पणी: केस को कमजोर करने के लिए पुलिस ने सही तरीके से विवेचना नहीं की
अदालत ने फैसले में पुलिस की विवेचना पर तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि केस को कमजोर करने के लिए पुलिस ने सही तरीके से विवेचना नहीं की। इसके चलते अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक सिटी, क्षेत्राधिकारी और तीन विवेचकों के खिलाफ विभागीय जांच, कानूनी कार्रवाई करने तथा उक्त कार्रवाई से अदालत को छह महीने के अंदर अवगत कराने के आदेश पुलिस महानिदेशक को दिए हैं। उधर एक बाल अपचारी की पत्रावली को किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया गया था।
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इन्हें हुई सजा



संजय गुप्ता पुत्र एसके गुप्ता निवासी मोहल्ला बाजार संभा


विनय अग्रवाल पुत्र सुरेंद्र प्रसाद अग्रवाल निवासी कृष्ण प्लाजा मार्केट



अपूर्व अग्रवाल पुत्र विनय अग्रवाल निवासी कृष्ण प्लाजा मार्केट



निखिल अग्रवाल पुत्र रविंद्र कुमार अग्रवाल निवासी मोहल्ला जाटान


राहुल गुप्ता पुत्र राजवीर गुप्ता निवासी मोहल्ला खत्रियान


अनुज गुप्ता पुत्र घनश्याम दास गुप्ता निवासी नई बस्ती बिजनौर


आशीष उर्फ आशु अग्रवाल पुत्र राजेंद्र अग्रवाल निवासी मोहल्ला जाटान

बिजनौर में प्रबल हत्या में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद नारे लगाते दोषी विनय अग्रवाल व उनके

बिजनौर में प्रबल हत्या में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद नारे लगाते दोषी विनय अग्रवाल व उनके

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