बिजनौर। अदालत ने 14 साल पहले हुए प्रबल हत्याकांड में सात आरोपियों को दोषी माना है, जिनकी सजा पर आज फैसला सुनाया जाएगा। उधर इस केस में आरोपियों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है क्योंकि इसी मामले में 12 अन्य लोगों को आरोपी बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस पर चार अगस्त को सुनवाई होगी।
19 दिसंबर 2012 को शहनाई बैंक्वेट हॉल में अग्रसेन जयंती कार्यक्रम में प्रबल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आरोपी शव को गंगा में फेंक आए थे। पुलिस ने इस मामले में 26 जुलाई 2013 में संजय गुप्ता एडवोकेट, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष उर्फ आशु के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
बुधवार को सुनवाई करने के बाद अदालत ने सभी सात अभियुक्तों को दोषी पाया। सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। अब इस केस में आज शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। बता दें कि प्रबल की हत्या के छह महीने बाद ही सदमे के कारण पिता आलोक अग्रवाल की मौत हो गई थी। जिनके बाद प्रबल की बहन प्राची ने इस केस में पैरवी की।
हत्याकांड में पैरवी करने वाले अधिवक्ता अहमद जकावत ने बताया प्राथमिकी में पांच लोगों पर आरोप लगाया गया था। इसके बाद प्रार्थना पत्र के जरिए अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को बताए गए। पुलिस ने अपनी विवेचना में उन नाम को शामिल भी किया लेकिन बाद में चार्जशीट में उनके नाम शामिल नही किए गए।
पुलिस की ओर से सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम में जिन 12 अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए और निकाले भी गए, इनमें नाम आरोपियों की सूची में शामिल करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका पर 4 अगस्त को सुनवाई होनी है। अगर हाईकोर्ट का फैसला याचिकर्ता के पक्ष में आया तो उक्त 12 लोगों के नाम भी आरोपियों में शामिल हो जाएंगे। इसके बाद उक्त 12 अभियुक्त के खिलाफ भी केस चल सकेगा।