धामपुर/रेहड़। बिजली कटौती पर भड़के भाकियू ने एसई का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। कहा कि बिजली न मिलने की वजह से किसान परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। चेतावनी दी कि शीघ्र ही निगम ने बिजली समस्या में सुधार के कड़े कदम नहीं उठाए तो आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार को तहसील में भाकियू की मासिक बैठक के दौरान देवराज सिंह के नेतृत्व में किसानों ने एसई को दिए ज्ञापन में कहा कि सपा सरकार में किसानों का जमकर शोषण हो रहा है। केंद्र से धन आवंटित होने के बावजूद किसानों का बकाया भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
बैंकों में धन पहुंचने के बाद अभी तक खातों में नहीं पहुंचाया गया। आरोप है कि मुचलकों में थाने में चिह्नित व्यक्तियों के अलावा भी अन्य लोगों को पाबंद कर दिया गया। स्योहारा, अफजलगढ़, धामपुर में बिजली की जमकर कटौती की जा रही है।
उधर, रेहड़ में बादीगढ़ चौराहे पर आयोजित बैठक में भाकियू सचिव कुलदीप सिंह ने बिजली कटौती को लेकर आग उगली। रेहड़ बैंक में किसानों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बैंक कर्मी बकाया का भुगतान करने में मनमानी कर रहे हैं। मौके पर रमेशचंद्र शेखावत, घासी सिंह, देवेंद्र कौशिक, सुरेश सिंह रहे।
तहसील कर्मचारियों पर किसान उत्पीड़न का आरोप
बिजनौर। तहसील परिसर में मंगलवार को भाकियू की पंचायत हुई। कहा कि तहसील में कर्मचारी किसानों का उत्पीड़न करते हैं। पंचायत में बिजली आपूर्ति में सुधार कराने, किसानों की विरासत व बैनामे के दाखिल खारिज शीघ्र कराने, गन्ने का बकाया भुगतान दिलाने समेत कई मांग की गईं।
उधर, यूनियन ने पंचायत में शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। पंचायत में हेमंत मलिक को युवा भाकियू का जिला उपाध्यक्ष, गजेंद्र सिंह को सचिव, योगेश कुमार को तहसील अध्यक्ष बनाया गया। अध्यक्षता भाकियू के तहसील अध्यक्ष विकास कुमार और संचालन धर्मेंद्र सिंह राणा ने किया। मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह, निरंजन सिंह आदि शामिल रहे।
बिजलीघर का करेंगे घेराव
चांदपुर। भाकियू की मासिक पंचायत में क्षेत्र की बिगड़ी विद्युत आपूर्ति पर रोष व्यक्त जताया। चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार न होने पर पीपलसाना में बिजलीघर का घेराव किया जाएगा।
मंगलवार को भाकियू की डाक बंगले पर हुई पंचायत में वक्ताओं ने किसान समस्याओं पर विचार विमर्श किया। कहा कि बिजली के नहीं मिलने से किसानों की फसल चौपट हो रही हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है। व्यापारियों के कामधंधे ठप हो गए हैं।
वक्ताओं ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान मय ब्याज के शीघ्र कराने, फसल की सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने, बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के नाम पर काटी जा रही प्रीमियम किसान की बिना सहमति के ने काटने, हस्तिनापुर से नारनौर तक निर्माणाधीन गंगा पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने, मतदाता सूची में जो नाम जुड़ने से रह गए हैं उन्हें जोड़ने, किसानों का गन्ना खरीद के लिए जारी सप्लाई पर्ची का कार्य मिलों द्वारा न कराकर गन्ना समितियों को दिए जाने आदि की मांग की गई।
विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। अध्यक्षता दलेल सिंह, संचालन गजराम सिंह ने किया। मुखिया रामफल सिंह, कुलदीप, हुकुम सिंह, नवनीत कुमार, रामेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
बिजलीघर पर हंगामा कर धरने पर बैठे
गजरौलाशिव। बिजली संकट के विरोध में दो गांवों के लोगों ने मंगलवार सुबह गजरौलाशिव के बिजलीघर पर हंगामा काटा। एक घंटे तक ग्रामीणों ने बिजलीघर पर धरना दिया, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
गांव जंदरपुर और गजरौलाशिव के सैकड़ों लोग 11 बजे बिजलीघर पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान धरने पर बैठे ग्राम प्रधान मोहम्मद इरफान एवं शशांक राजपूत का कहना है कि मंडावर लाइन से तीन बिजलीघर जुड़े हुए हैं।
विद्युत निगम के कर्मचारी मंडावर व स्वाहेड़ी बिजलीघर पर भी बिजली दे रहे हैं, गजरौला शिव के बिजलीघर पर केवल दो घंटे ही बिजली मिल रही है। बिजली कटौती के कारण फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है और लघु उद्योग भी ठप पड़े है।
भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने उपभोक्ताओं को रुला रखा है। उपभोक्ताओं ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की। उधर उपभोक्ताओं के धरने के दौरान कोई भी विद्युत कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान मोहम्मद इरफान ने विद्युत निगम को चेतावनी दी है कि अगर आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो बुधवार को सभी ग्रामीण एसई कार्यालय पर धरना देंगे। इस दौरान मोनू, मोहसीन, गिरीशपाल, शाद मोहम्मद आदि शामिल रहे।
उधर, इस मामले में एसडीओ ब्रह्मपाल का कहना है कि मंगलवार को तहसील दिवस होने के कारण वे मौके पर नहीं जा पाये। उपभोक्ताओं की समस्या का जल्द ही निदान किया जाएगा।