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स्कूलों को नहीं मिला यूनिफॉर्म का पैसा

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स्कूलों को नहीं मिला यूनिफॉर्म का पैसा
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा सत्र 2019-20 में सामान्य जाति, पिछड़ी जाति के 31731 छात्रों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना शिक्षकों को बड़ा महंगा पड़ा है। शासन की ओर से विगत वर्ष के अवशेष 90 लाख 78 हजार 600 रुपये का एक वर्ष बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। शिक्षा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद मांग पत्र शासन के रद्दी के टोकरे में चले गए हैं। लेकिन शिक्षक संगठन लगातार अवशेष धनराशि का भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा सत्र 2019-20 में परिषदीय प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सामान्य जाति व पिछड़ी जाति तथा नॉन बीपीएल के 31731 बच्चों को दो-दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई गई थी। शासन से बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए एक करोड़ 90 लाख 38 हजार 600 रुपये की धनराशि प्राप्त होनी थी। लेकिन शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को 99 लाख 60 हजार रुपये की धनराशि ही प्राप्त हुई थी। इसको विभाग की ओर से विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में हस्तांतरित कर दिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग की मानें तो 90 लाख 78 हजार 600 रुपये की धनराशि का एक वर्ष बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। जबकि कई बार शिक्षक संगठनों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को मांग पत्र सौंप कर बच्चों की यूनिफॉर्म की अवशेष धनराशि का भुगतान कराने की मांग की थी।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि संघ की ओर से कई बार बीएसए को मांग पत्र देकर अवशेष धनराशि का भुगतान कराने की मांग की जा चुकी है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार, प्रवक्ता अंगजीत चौधरी, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी ने शासन से अवशेष धनराशि का अविलंब भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जिस फर्म से शिक्षकों ने कपड़ा खरीदा था वह अभी भी शिक्षकों पर कपड़े की धनराशि व यूनिफॉर्म की सिलाई की धनराशि का भुगतान कराने की मांग लगातार कर रही हैं।
वर्तमान शिक्षा सत्र में भी रहेगा टोटा
शिक्षा सत्र 2020-21 में भी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दो-दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जानी है। शिक्षा विभाग की मानें तो इस बार भी शासन की ओर से 31731 सामान्य व पिछड़ी जाति के छात्रों की धनराशि आनी थी, लेकिन अभी तक 18 लाख रुपये ही विभाग को प्राप्त हुए हैं। जिससे करीब 3000 बच्चों को ही यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा सकती है। 28731 बच्चों की यूनिफॉर्म की धनराशि आना अभी शेष है। जबकि अधिकांश स्कूलों में शासन के निर्देश पर बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दी गई है।
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विद्यार्थियों की यूनिफार्म की अवशेष धनराशि के भुगतान के लिए शासन को मांग पत्र भेजा जा चुका है। विभाग को धनराशि प्राप्त होते ही विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में धनराशि को स्थानांतरित कर दिया जाएगा - महेशचंद, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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