-किरतपुर, नगीना मार्ग पर सबसे ज्यादा परेशानी
-मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में रोजाना सात मरीज इसी समस्या के पहुंच रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सड़कों पर उड़ रही रेत और धूल राहगीरों की आंखों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। वाहन गुजरने के दौरान सड़क से उड़ने वाले रेत के बारीक कण आंखों में पहुंचकर समस्या बढ़ा रहे हैं। इससे आंखों में जलन, लालिमा और दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में रोजाना इसी समस्या के करीब सात मरीज तक पहुंच रहे हैं।
शहर में किरतपुर-नगीना मार्ग पर इस समस्या से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सड़क पर उड़ती धूल से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। अचानक आंख में कण पड़ने से राहगीरों को दिखाई देने में परेशानी होती है। कई बार आंखों को मसलने से समस्या और बढ़ रही है। किरतपुर-नगीना मार्ग पर उड़ती रेत के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रेत, धूल का कण जाने पर आंख को हाथ से रगड़ने के बजाय साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं। अगर, दर्द, लालिमा या धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानी बनी रहती है तो नेत्र चिकित्सक से परामर्श लें।
उड़ती धूल से बढ़ रहा वायु प्रदूषण
शहर में नगीना और किरतपुर मार्ग पर धूल उड़ने से न सिर्फ आंखों की परेशानी बढ़ रही है। बल्कि, सांस की समस्या भी उभर रही है। जी हां, धूल उड़ने से वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन है। धूल उड़ने से रोकने के लिए सड़क पर पानी का छिड़काव तक नहीं कराया जाता है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ये बरतें सावधानी
-आंखों को धूल और रेत से बचाने के लिए उपयुक्त चश्मे का इस्तेमाल करें
-आंखों को बार-बार साफ पानी से धोएं
-आंख में समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
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आंख शरीर का संवेदनशील अंग हैं। इनमें धूल, रेत के कण जाने से इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। समस्या बढ़ने पर आंखों की रोशनी जाने का खतरा भी बना रहता है। आंख में धूल, रेत कण गिरने पर तुरंत साफ पानी से सफाई करें। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
....डॉ. रजनीश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर