बिजनौर। मर्ज ठीक करने वाली दवा ही मानकों पर खरी नहीं उतर रही है। जनवरी में सेफपोडोक्सिम प्रोक्सेटिल सिरप का नमूना जांच में फेल आया है। मानक के अनुरूप सिरप में साल्ट कम मिला। ऐसे में दवा बीमारी में कम असर करती।
सेफपोडोक्साइम प्रोक्सेटिल एक प्रभावी एंटीबायोटिक है। इसका प्रयोग संक्रमणों के इलाज में किया जाता है। यह फेफड़े, गले, साइनस, यूटीआई, टाइफाइड और त्वचा के संक्रमण जैसे संक्रमणों के लिए निर्धारित दवा है। औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि सिरप में सेफपोडोक्सिम साल्ट की मात्रा 75.55 प्रतिशत मिला। जबकि, इस साल्ट की मात्रा 90 से 110 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए। इस सिरप का नमूना नवंबर माह में साहनपुर के मोहल्ला सानियान स्थित गेटवेल मेडिकोज से लिया था। दवा हरियाणा के पंचकूला स्थित डॉ. वी फार्मा क्रॉप कंपनी ने बनाई। जबकि, इसकी सप्लाई त्रिभुवन मेडिकेयर, सोलन, हिमाचल प्रदेश की कंपनी ने की। औषधि निरीक्षक उमेश भारती का कहना है कि मेडिकल स्टोर पर सिरप की खरीदी के बिल की जांच की जाएगी। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई करेंगे।