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सैंपल दिया नहीं, फोन पर भेजे जा रहे मैसेज

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सैंपल दिया नहीं, फोन पर भेजे जा रहे मैसेज
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बिजनौर। जनपद के स्वास्थ्य विभाग के खेल भी निराले हैं। एक ओर जहां अस्पतालों में उपचार और कोरोना जांच के लिए मारामारी मची है, तो वहीं दूसरी ओर लोगों के पास बिना जांच कराए ही परिणाम आने और उन्हें होम आइसोलेट होने के मैसेज भेजे जा रहे हैं। इस बात को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर वे ऐसे में क्या करें। कुछ लोगों ने डर के कारण अपने मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिए हैं।
कोरोना महामारी ने सभी को परेशान करके रख दिया है। इसकी दूसरी लहर पहली लहर से काफी तीव्र है। ऐसे में हर कोई इससे बचाव के उपाय सोच रहा है। इसके बावजूूद जिले में लोगों के पास अपनी बिना कोरोना जांच कराए ही सैंपल कलेक्शन के मैसेज भेजे जा रहे हैं। इस प्रकार के मैसेज ने लोगों की नींद उड़ा दी है। शायद इसकी वास्तविकता से स्वास्थ्य विभाग भी अंजान है। इससे स्पष्ट है कि जांच में लापरवाही बरती जा रही है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में अपनी जांच कराने आए मोहल्ला चाहशीरी के मोहम्मद यामीन, हरवीर सिंह और ग्राम आदमपुर के बलवीर सिंह, श्यामा सिंह आदि ने बताया कि अभी तक उन्होंने अपनी कोविड जांच नहीं कराई और न ही इसके लिए उन्होंने अपना सैंपल दिया। इसके बावजूद दो दिन पहले ही उनके मोबाइल पर सैंपल कलेक्शन का मैसेज भेज दिया गया। आजकल अस्पतालों में हालात ये हैं कि लोग अपनी कोविड जांच कराने के लिए लाइन में लगे हैं, उनकी जांच तो समय पर हो नहीं पा रही, लेकिन बिना जांच कराने वाले लोगों के मोबाइल पर सैंपल कलेक्शन के मैसेज भेजे जा रहे हैं।
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इसे लेकर लोग डरे हुए हैं, कि आखिर बिना जांच कराए ही उन्हें इस प्रकार के मैसेज क्यों भेजे जा रहे हैं, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। इससे परेशान कुछ लोगों ने अपने मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिए हैं कि कहीं उनके पास कोरोना पॉजिटिव का मैसेज न आ जाए। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि बिना सैंपल कलेक्शन के मैसेज नहीं भेजा जा सकता। कभी कभी ऐसा होता है कि मोबाइल नंबर की डिजिट में कुछ गड़बड़ी हो जाती है, जिससे किसी का मैसेज किसी और को भेज दिया जाता है।
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