हरेवली। साहूवाला वन रेंज में चार दिन से धधक रही आग भयानक होती जा रही है। आग इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि वनों में विचरण करने वाले वन्यजीवों के संरक्षण को खतरा पैदा हो गया। वहीं वन के आला अफसर मूकदर्शक बने हैं।
पिछले चार दिन से साहूवाला वन रेंज में फैली आग ने 15 किलोमीटर की परिधि को अपने दायरे में ले लिया है। बृहस्पतिवार तक आग ने करीब 10 किलोमीटर के जंगल को अपनी चपेट में ले रखा था, लेकिन एक ही दिन में आग बढ़कर पांच किलोमीटर के दायरे को पार कर गई। यदि इन हालातों में भी वन विभाग की आंख नहीं खुली तो हजारों हेक्टेयर में फैली वन संपदा के साथ साथ आग की चपेट में आने से वन्यजीव भी अपनी जान दे बैठेंगे। वहीं संवेदनहीन हो चुके वन विभाग को न तो वन्यजीवों की जान से ही सरोकार है और न ही आम जनता की कोई फिक्र। ग्रामीणों को भी इस बात को लेकर ज्यादा खतरा है कि साहूवाला वन रेंज से सटी ही उनकी गेहूं व गन्ने की फसलें खड़ी हैं।
हालांकि अभी तक सैकड़ों बीघा खेत में खड़ी गेहूं व गन्ने की फसल जलकर नष्ट हो चुकी है। वन विभाग का टाल मटोल का यह रवैया क्षेत्रवासियों के गले नहीं उतरा रहा है। गौरतलब है कि गत वर्ष भी वन विभाग की नाकामी के चलते सैकड़ों बीघा वन संपदा जलकर नष्ट हो गई थी। क्षेत्रवासियों की हाय तौबा के बाद वन विभाग की नींद टूटी थी।
इन गांवों को है खतरा
साहूवाला वन रेंज में लगी आग से वन क्षेत्र से सटे गांव भगोता, शाहनगर कुराली, टांडा रामनगर गोसाई, इनायतपुर, हरेवली, चाहडवाला को खतरा है। ग्रामीणों रामपाल सिंह, मोहम्मद हारून, महीपाल सिंह, जाबुल हसन, अनिल कुमार , नूर हसन, अली हसन, विवेक कुमार , अकबर ,शमशाद, चंद्रपाल सिंह चौथे दिन भी वन विभाग का कोई कर्मचारी आग पर काबू पाने के लिए प्रयास तक करने नहीं पहुंचा।
अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करूंगा : कंजरवेटर
कंजरवेटर कमलेश कुमार का कहना है कि उन्होंने बिजनौर वन विभाग को वनों में लगी आग पर काबू पाने के आदेश निर्गत कर दिए थे। यदि आदेशों का अनुपालन में विलंब हो रहा है तो जांच कर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। वन संपदा के नुकसान की अनदेखी करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं बिजनौर डीएफओ सलील कुमार शुक्ला का कहना है कि जंगल में आग लगने से बड़े जीव हिंसक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में यदि वह आबादी की ओर आ गए, तो जन हानि भी पहुंचा सकते हैं।