-अफजलगढ़ से होकर 100 से अधिक बसों का होता है संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़। नगर में रोडवेज बस स्टैंड न होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले आठ दशक से रोडवेज बस स्टैंड की मांग की है। कई बार बसें राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे निकल जाती हैं। जबकि, यात्री तिराहे पर इंतजार करते रह जाते हैं।
बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने इसकी पड़ताल की। लोग सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार कर रहे थे। वहीं कुछ बस बिना रुके ही सीधे निकल जा रही थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आजादी के आठ दशक बाद भी नगर में बस स्टैंड की स्थापना नहीं हो सकी है। बार-बार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से मांग के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। नगर से होकर हरिद्वार, सहारनपुर, देहरादून, पंजाब, दिल्ली, मेरठ, बरेली, टनकपुर, मुरादाबाद सहित विभिन्न स्थानों के लिए 12 से अधिक स्थानीय और करीब 100 से अधिक रोडवेज बसों का संचालन होता है। बस स्टैंड न होने से उनके समय का पता नहीं चल पाता।
काफी देर तक रहता है बसों का इंतजार: अजीमुशान
नगरवासी अजीमुशान चांद का कहना है कि बस स्टैंड न होने से जसपुर तिराहे पर खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शीघ्र बस स्टैंड बनवाया जाए।
एक किमी पैदल चलना पड़ता है: रियासत अंसारी
रियासत अंसारी ने बताया कि रात में आने वाली बसें अक्सर हाईवे पर ही सवारी उतार कर निकल जाती हैं। जिससे घर तक पहुंचने के लिए एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इससे काफी दिक्कत होती है।
इंतजार में घंटों खराब: जितेंद्र जैन
जितेंद्र जैन ने कहा कि बसों के संचालन का समय निश्चित नहीं हैं। ऐसे में उन्हें समय से पहले ही पहुंचकर घंटों इंतजार करना पड़ता है। नगर में शीघ्र बस स्टैंड का स्थापित होना चाहिए।
नहीं सुनी जा रही मांग: जावेद
जावेद का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों सहित विभागीय अधिकारियों से बस स्टैंड की बनवाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। कस्बे शीघ्र ही बस स्टैंड की स्थापना कराई जानी जाहिए।
वर्जन::
इस संबंध में अभी कोई प्रस्ताव नहीं आया है। उस जगह सर्वे कराया जाएगा। साथ ही प्रस्ताव मिलने पर शासन को भेजकर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। - अशोक कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, बिजनौर