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यूपी: मुलायम सिंह यादव की सभा के बाद बिजनौर में भड़का था दंगा, 20 से ज्यादा लोगों की गई थी जान

Wed, 05 Aug 2020 04:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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दिग्विजय सिंह और राममूर्ति दत्त। - फोटो : अमर उजाला
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राम मंदिर आंदोलन के दौरान 30 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सभा के बाद बिजनौर में दंगा भड़क गया था। मुलायम सिंह की सभा से लौट रहे लोगों के नारेबाजी करने पर जिले में कई जगह पथराव हुआ था और वाहन फूंक दिए गए थे। दोनों संप्रदाय के लोग कई जगह आमने सामने आ गए थे।

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नौ अक्तूबर 1990 को बिजनौर के प्रदर्शनी मैदान में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह की सभा का आयोजन किया गया था। अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे को लेकर माहौल गरम था। दोनों संप्रदाय के बीच इस सभा को लेकर तनाव पैदा हो गया था। मुलायम सिंह की सभा में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ट्रकों के अलावा अन्य वाहनों में लदकर एक संप्रदाय के लोग सभा में आए थे। मुख्यमंत्री ने सभा के दौरान भाषण दिया कि अयोध्या में उनके रहते परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। उन्होंने पूरी अयोध्या की किलेबंदी कर दी है।

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मुलायम सिंह का हेलीकॉप्टर जनपद से उड़ते ही बिजनौर में तनाव व्याप्त हो गया। सभा में शामिल होने आए लोग तैयारी के साथ आए थे। कहा जाता है स्वाहेड़ी से वापस लौटते समय वहां जमकर पथराव हुआ। दोनों पक्षों के लोग आमने- सामने भिड़ गए। झालू में सभा में आने के दौरान नारेबाजी कर रहे लोग भिड़ गए। वहां एक वाहन को फूंक डाला था। इसके अलावा भी जिले में कई जगह पथराव हुआ। जिले का माहौल गरमा गया। यह तनाव चलता रहा।

बताया गया कि 30 अक्तूबर 1990 को बड़ी तादाद में लोग बिजनौर के आर्य समाज स्कूल में राम मंदिर आंदोलन के मुद्दे को लेकर इकट्ठा हुए। उसके बाद कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने के लिए निकले। जैसे ही लोग मुख्य डाकघर चौराहे से मुख्य बाजार की ओर बढ़े तो बाजार में घुसते ही पथराव और गोलीबारी शुरू हो गई। बिजनौर में दंगा भड़क गया। तुरंत बिजनौर में कर्फ्यू लगा दिया गया। वाहनों को फूंक डाला गया। 20 से ज्यादा लोगों की दंगों में मौत हुई थी। बिजनौर के दंगे की देश भर में गूंज हुई थी। एक सप्ताह से ज्यादा दिन रात का कर्फ्यू लगा रहा। बाद में रात का कर्फ्यू लगाया गया। इस दंगे में तमाम दुकानें जला दी गईं।
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बिजनौर के दंगे के बाद आसपास के जिलों में भी माहौल बिगड़ा था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी व उनकी पत्नी सोनिया गांधी समेत तमाम नेता दंगा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने आए थे। इस दंगे को याद करके आज भी पुराने लोग सिहर उठते हैं।

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