बिजनौर। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का लाभ लाभार्थियों को मिल रहा है। लेकिन शुरूआती गड़बड़ी की वजह से ज्यादातर लाभार्थी लाभ से वंचित हैं। क्योंकि उनके दस्तावेजों और आयुष्मान कार्ड में नाम अलग-अलग होने के चलते लाभार्थी को लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जो आयुष्मान कार्ड योजना शुरू होने पर बने थे, उनमें यह दिक्कत आ रही है।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रत्येक गरीब को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत साल 2018 में हुई। साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले में दो लाख 73 हजार लोगों का आयुष्मान कार्ड के लिए चयन हुआ था। इसके बाद सरकार ने उज्जवला योजना, अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ ले रहे लोगों को भी आयुष्मान कार्ड बनावाने की श्रेणी में जोड़ दिया। लेकिन इस समय लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि योजना के शुरूआत में लाभार्थियों ने अपने घर के नाम लिखवा दिए थे, जबकि दस्तावेजों में उनके नाम दूसरे पाए गए। जिसकी वजह से लाभार्थी जब किसी अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं तो उनका नाम गलत होने की वजह से लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में आयुष्मान कार्ड से मिला करीब 69 करोड़ रुपये का लाभ
जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत साल 2018 में हुई थी। जिसके चलते अभी तक जिले में करीब 69 करोड़ रुपये का लाभ दिया जा चुका है। जिसके चलते जिला प्रदेश स्तर में लाभ देने के मामले में 10वें स्थान पर है। जिले में लोगों द्वारा आयुष्मान कार्ड तो खूब बनवाए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश स्तर पर बिजनौर की रैंकिंग आयुष्मान कार्ड बनवाने के मामले में सुधरी हुई चल रही है। प्रदेश स्तर पर बिजनौर कार्ड बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर है।
नाम ठीक कराने के लिए विभाग में करें संपर्क : नताशा
जिला कार्यक्रम समन्वयक नताशा ने बताया कि जिन लोगों ने शुरूआत में आयुष्मान कार्ड बनवाए थे। उनमे से ज्यादातर का आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेजों में नाम गलत हैं। जिसकी वजह से ज्यादातर लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते लाभार्थी आयुष्मान कार्ड में नाम ठीक कराने के लिए जनसेवा केंद्र, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं।