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बाढ़ बचाव कार्यों में लापरवाही पर डीएम खफा

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धामपुर क्षेत्र में खो नदी से हो रहे कटान की जानकारी लेते डीएम उमेश मिश्रा। - फोटो : BIJNOR
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बाढ़ बचाव कार्यों में लापरवाही पर डीएम खफा
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धामपुर। डीएम उमेश मिश्रा ने विधायक अशोक राणा के साथ मंगलवार को कई विभागों के अधिकारियों को साथ लेकर गांव नंदगांव स्थित खो नदी के तटबंधों का भ्रमण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लापरवाही पर फटकार लगाई। कहा कि अब तक जो भी बाढ़ बचाव कार्य हुए हैं, वह अस्थायी हैं। ऐसे कार्यों से बाढ़ को बचा पाना संभव नहीं होगा। डीएम ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार कर पेश करने के निर्देश दिए।
डीएम मंगलवार को अधिकारियों के साथ नंदगांव स्थित खो नदी के तटबंध पर पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग की ओर से हुए बचाव कार्यों को नाकाफी बता असंतोष जताया। कहा कि उनके द्वारा अब तक जो भी कार्य हुए हैं। वह अस्थायी हैं। यह कार्य नदी में बाढ़ आने से ही बह जाएंगे। निर्देशित किया कि सिंचाई विभाग समस्या का स्थायी समाधान करे। कार्य के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बाढ़ की दृष्टि से नंदगांव संवेदनशील गांव है। डीएम ने एक्सईएन को स्थायी तौर पर बाढ़ बचाव कार्य कराने के लिए कार्ययोजना तैयार कर पेश करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम मनोज कुमार सिंह, तहसीलदार गोपेश तिवारी, विकास व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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बोले ग्रामीण - हर साल खर्च होते हैं रुपये, समस्या जस की तस
ग्रामीणों ने डीएम को अवगत कराया कि सिंचाई विभाग की ओर से हर साल करोड़ों रुपये के बाढ़ बचाव कार्य किए जाते हैं। लेकिन समस्या जस की तस रहती है। पिछले साल भी बाढ़ से मुख्य मार्ग को ध्वस्त हो गया था और बाढ़ का पानी गांव में घुसने ने लोगों को भारी नुकसान हुआ था। गांव के नितिन चौहान, हरिओम सिंह, जसपाल सिंह, शीशराम, प्रमोद कुमार, अरविंद कुमार, राजपाल सिंह, बृजपाल सिंह, रामफूल सिंह आदि ने डीएम को समस्याएं गिनाईं।
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हादकपुर गांव में क्यूनेट बनाएं अधिकारी : विधायक
निरीक्षण के दौरान विधायक अशोक राणा ने नंदगांव को बाढ़ से बचाने के लिए गांव की ओर से पत्थरों की पेचिंग कराने के निर्देश दिए। कहा कि पिछले साल उन्हें हादकपुर को बाढ़ से बचाव के लिए खो नदी की धारा को क्यूनेट बनवा कर बदलवा दिया था। इससे यह फायदा हुआ कि जब खो में बाढ़ आई तो नदी का पानी गांव की ओर नहीं आ सका। विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से इस बार भी हादकपुर को बचाने के लिए क्यूनेट बनवाने का मामला उठाया।
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