बिजनौर में भाकियू का दावा है कि मालन को निर्मल बनाकर ही दम लेंगे। गन्ना व गेहूं की कटाई का पीक समय होने के बाद भी किसान शिफ्टों में सफाई करेंगे। प्रशासन ने भी अभियान में सहयोग का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। उपकरण जुटाने में कुछ समय लग रहा है। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार किसानों को प्रशासन की ओर से सफाई उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
भाकियू ने नदी बचाओ अभियान शुरू किया है। जिले में प्रथम चरण में मालन नदी का सफाई का संकल्प लिया गया है। किसानों ने अपनी पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल से संकल्प पर अमल शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से डीएम अटल कुमार राय, सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी, एसडीएम सत्येंद्र सिंह ने प्रतिभाग किया। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता राकेश टिकैत मौजूद रहे। मालन को 30 से 50 दिन में निर्मल बनाने का लक्ष्य है। किसान शिफ्टों में काम करेंगे। गांववार किसानों की शिफ्ट बना दी गई है।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार भाकियू ने मालन नदी को सफाई के लिए गोद लिया है। भाकियू अपनी दायित्व का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ कर रही है। एक दो दिन में मालन नदी की सफाई के काम में तेजी आ जाएगी। प्रशासन की ओर से किसानों को सफाई उपकरण जैसे जेसीबी मशीन आदि उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन ने सफाई उपकरण मुहय्या कराने का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। कब, किस नगरपालिका व नगरपंचायत के सफाई उपकरण जाएंगे यह सब कुछ तय हो गया है। मालन नदी को निर्मल बनाकर ही दम लेंगे।
नहीं मिली पोकलेन मशीन, रुका अभियान
नजीबाबाद में नमामि गंगे की तर्ज पर मालन नदी की सफाई के लिए शुरू किया गया नमामि मालन अभियान दूसरे दिन शुरू नहीं हो सका। भाकियू जिलाध्यक्ष ने अभियान के लिए आवश्यक पोकलेन आदि संसाधन उपलब्ध न हो पाने से शुक्रवार को मालन नदी सफाई का काम नहीं होने की जानकारी दी।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, डीएम अटल कुमार राय, सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की उपस्थिति में बृहस्पतिवार को नजीबाबाद की मालन नदी की सफाई का अभियान शुरू हुआ था। भाकियू के नमामि मालन अभियान को भगीरथ प्रयास बताते हुए डीएम, सीडीओ ने पहले दिन से ही जिला प्रशासन की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया था। नगरपालिका नजीबाबाद, नगर पंचायत साहनपुर, जलालाबाद के सफाई कर्मियों की टीमों ने जेसीबी, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था के साथ अभियान में मदद की थी। जिले के आला अधिकारियों ने आगे भी मालन सफाई अभियान में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था।
बृहस्पतिवार को शुरू हुए अभियान में मालन नदी के दलदल में ट्रैक्टर धंसने के बाद किसान यूनियन ने नदी को पोकलेन मशीन से चौड़ा और गहरा कराने का निर्णय लिया था। पोकलेन मशीन मिलने के बाद ही कब्जाई गई नदी की जमीन को उसमें मिलाया जाएगा। क्षेत्र के कुछ काश्तकारों ने प्रशासन द्वारा चिह्नित स्थान पर एक बार पुन: विचार करने का अनुरोध किया था।
मालन नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के महाअभियान में किसानों का उत्साह देखते हुए अगले ही दिन अभियान रुक जाना अटपटा सा लगा। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि अभियान के लिए आवश्यक पोकलेन उपलब्ध न होने के कारण शुक्रवार को मालन नदी सफाई अभियान रोकना पड़ा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि नदी की सफाई के लिए आवश्यक मशीन की उपलब्धता के प्रयास जारी हैं। बृहस्पतिवार को जहां मालन नदी पुल के नीचे प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों की चहल-पहल से रौनक थी, अगले ही दिन क्षेत्र सूचना नजर आया।