सुल्तानुपर में मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता।
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हल्दौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने नहर की पटरी टूटने से हुए नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर नहर की पटरी पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
गांव सुल्तानपुर के जंगल में दो दिन पूर्व जर्जर अवस्था में पड़ी नहर की पटरी टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल नहर के पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। किसानों का आरोप है कि नहर की पटरी टूटने के दो दिन बाद भी किसी सक्षम अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों की सुध लेना गंवारा नहीं समझा। इससे किसानों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश है। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब एक बजे मामले की सूचना पाकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार की अगुवाई में अनेक कार्यकर्ता एकत्र होकर मौके पर पहुंचे । पीड़ित किसानों को पानी में डूब कर उनकी बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर टूटी नहर की पटरी के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए । धरने में संगठन के जिला अध्यक्ष ने कहा कि किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जब तक किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक उनका धरना किसानों के हित में जारी रहेगा।
धरने में शाम तक कोई सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचा। किसानों ने पटरी के मरम्मत कार्य पर रोक लगा रखी है। आक्रोशित किसानों ने आरपार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। साथ ही कुछ किसानों का एक दल संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार को बिजनौर जाकर मिलेगा। धरने की अध्यक्षता राजपाल सिंह भगत तथा संचालन संगठन के स्थानीय ब्लॉक अध्यक्ष वेदप्रकाश सिंह ने किया। धरने में ग्राम प्रधान सतवीर सिंह, बलवंत सिंह , ध्यान सिंह, परम सिंह, लोकेश कुमार, रणवीर सिंह ,करम सिंह, दलवीर सिंह, नेपाल सिंह, सीताराम , लाल बहादुर सिंह, वीर सिंह , राजपाल सिंह , दीपक , विक्रम सिंह , गजेंद्र सिंह, सुमित नागर, सोमेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे । उधर हलका लेखपाल सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नहर के पानी मे डूब कर बर्बाद हुई फसल की जमीन की पैमाइश कर इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जा रही है।