बिजनौर में मंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी और विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमला करने के मामले में पुलिस ने साकेंद्र चौधरी और उनके साथियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। विधायक के गनर की ओर से दर्ज रिपोर्ट में हाथापाई, वर्दी फाड़ने और उसका असलाह छीनने का भी आरोप लगाया है। रिपोर्ट दर्ज होने से साकेंद्र चौधरी के समर्थकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पीडब्ल्यूडी में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ था। आरोप है कि विरोधी खेमे के नेता साकेंद्र चौधरी ने अपने हथियारबंद साथियों के साथ खाद्य रसद एवं औषधि प्रशासन मंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी और विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमला बोल दिया था। उनके साथियों ने विधायक के गनर दीपक कुमार की कार्बाइन छीनने की भी कोशिश की थी। गनर की वर्दी भी फट गई थी। गनर दीपक कुमार ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि छह अगस्त की शाम करीब पौने सात बजे विधायक लोकेंद्र चौहान मंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी से गेस्ट हाउस से निकल रहे थे।
तभी कुछ लोगों ने मंत्री की गाड़ी पर हमला बोल दिया। इनमें से एक का नाम लोगों द्वारा साकेंद्र चौधरी लिया जा रहा था। उसने रोकने की कोशिश की तो लोगों ने उससे हाथापाई की और उसका असलाह छीनने की कोशिश करते हुए उसकी वर्दी फाड़ दी। इस मामले में साकेंद्र चौधरी और अज्ञात के खिलाफ बलवे एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में धारा 147, 148, 149, 393, 353, 332, 504 और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मंत्री के गुस्से पर हुआ कोतवाल का निलंबन
बिजनौर में विधायक लोकेंद्र चौहान और साकेंद्र चौधरी के विवाद में शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा को एसपी अतुल शर्मा ने सस्पेंड कर दिया है। रविवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में साकेंद्र चौधरी और विधायक लोकेंद्र चौहान के बीच विवाद की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा तुरंत डाक बंगले पहुंए गए थे।
हालांकि थाने से शहर कोतवाल दरोगा सहजोर सिंह मलिक हत्याकांड की जांच में रवानगी कराकर निकले थे। तभी विवाद की उन्हें सूचना मिल गई। डाक बंगले पहुंचकर शहर कोतवाल ने कुछ लोगों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया और बाकी को खदेड़ दिया। चर्चा है कि विवाद के दौरान कोतवाल प्रेमवीर राणा मंत्री की वीडियो क्लीपिंग बनाते रहे और हंगामा करने वालों की नहीं बनाई। इस बात पर मंत्री कोतवाल को सस्पेंड कराने पर अड़ गए। उन्होंने आला अफसरों से कोतवाल को सस्पेंड करने को कहा। मंत्री के कहने पर एसपी ने कोतवाल प्रेमवीर राणा को सस्पेंड कर दिया। अफजलगढ़ के प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह को शहर कोतवाल बनाया गया है।
साकेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर जताया रोष
बिजनौर में जाट समाज की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार साकेेंद्र चौधरी के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट पर रोष जताया गया। साकेंद्र चौधरी के पिता हुकम सिंह ने कहा कि उनके पक्ष में 36 से अधिक जिला पंचायत सदस्य हैं। आरोप लगाया कि भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान ने साकेंद्र से एक करोड़ रुपये की डिमांड की थी। विधायक ने कहा था कि यदि उनका ध्यान नहीं रखा गया तो वे अपनी विधानसभा के सभी पंचायत सदस्यों को उठाकर पूर्व सपा विधायक को बेच देंगे।
अब विधायक ऐसा ही कर रहे हैं। हुकम सिंह ने दावा किया कि साकेंद्र भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं। जाट महासभा के एमपी सिंह ने कहा कि साकेंद्र के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। अगर प्रशासन ने साकेंद्र के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो जाट समाज के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि साकेंद्र क खिलाफ कार्रवाई होने पर पूरे जिले में लोकेंद्र चौहान के पुतले फूंके जाएंगे। भाजपा नेता सीताराम राणा ने कहा कि पेद्दा कांड में रूचि वीरा ने जाट समाज का विरोध किया था।
अब जाट समाज के लोग जिला पंचायत चुनाव में इसका जवाब देंगे। इस प्रकरण में शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा पर हुई कार्रवाई पर भी विरोध जताया गया। इस दौरान कृष्ण कुमार, कपिल कुमार, सुनील कुमार, महेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, ईलम सिंह, राजपाल सिंह, फतेह सिंह, सुभाष कुमार आदि मौजूद रहे। उधर, विधायक लोकेंद्र चौहान ने रुचि वीरा से मिले होने और रुपये लेने के आरोप को गलत बताया। कहा कि झल्लाट में ये आरोप लगाए जा रहे हैं।
डीआईजी ने पुलिसकर्मियों के बयान लिए
बिजनौर में खाद्य रसद एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री मंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी व विधायक लोकेंद्र चौहान पर हुए हमले का मामला शासन तक पहुंच गया है। सोमवार को डीआईजी ओंकार सिंह ने थाने पहुंचकर मामले की जांच की। रविवार को पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में साकेंद्र चौधरी ने अपने साथियों के साथ मंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी व विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमला कर दिया था।
इस दौरान साकेंद्र चौधरी के कई साथियों के हाथ में बंदूकें भी थीं। साकेंद्र के साथियों ने विधायक के गनर दीपक कुमार की कार्बाइन छीनने की भी कोशिश की थी। मामला मंत्री से जुड़ा होने तक इस घटना की गूंज शासन तक भी पहुंच गई थी। सोमवार को डीआईजी ओंकार सिंह मामले की जांच के लिए गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने एसपी अतुल शर्मा से मामले की जानकारी ली। मंत्री की मौजूदगी के दौरान गेस्ट हाउस में तैनात 11 पुलिसकर्मियों के डीआईजी ने बयान लिए। इसके अलावा डीआईजी ने शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा, सिविल लाइन पुलिस चौकी इंचार्ज व थाने में तैनात दो दरोगाओं के भी बयान लिए।