बिजनौर में प्रशासन की गन्ना घटतौली के मामलों में लिप्त मिले लिपिकों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इस बार गन्ना पेराई सीजन में घटतौली को लेकर खरीद केंद्रों के कर्मचारियों पर चाबुक चला है। डेढ़ सौ से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न कार्रवाई हुई है। घटतौली पर चीनी मिलों के खिलाफ एफआईआर हुई है।
सहायक चीनी आयुक्त सीके वर्मा के अनुसार घटतौली के कुछ मामलों में निर्णय प्रस्तावित है। शासन के गन्ना घटतौली रोकने के सख्त निर्देश थे। गन्ना खरीद केंद्रों पर चेकिंग की जिम्मेदारी गन्ना विभाग की होती है। गन्ना विभाग छापे के सभी मामलों को कार्रवाई के लिए सहायक चीनी आयुक्त को भेजते हैं। मामले मे दोनों पक्षों के तर्क सुने जाते है। सहायक चीनी आयुक्त सीके वर्मा के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 के गन्ना सीजन में डीएम, डीसीओ , सहायक चीनी आयुक्त व गन्ना सचिव की टीम ने करीब 3500 निरीक्षण किए हैं। इस दौरान जिले के 91 गन्ना खरीद केंद्र पर घटतौली पकडी गई है। इनमें 75 मामलों में बाटों की व 16 मामलों में कांटों में गड़बड़ी मिली थी। मामलों में केंद्र के तौल लिपिक आरोपी थे। लिपिक का पक्ष भी सुना गया था। इसके बाद 16 तोल लिपिक के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। 82 लिपिक को कारण बताओ नोटिस दिए गए । 52 लिपिक व संबंधित चीनी मिल अध्याशी की जमानत राशि शासन के पक्ष में जब्त की गई है। सहायक चीनी आयुक्त के अनुसार जिले के बरकातपुर व चांदपुर चीनी मिलों के अध्याशी व सेंटर लिपिक के खिलाफ पुलिस में घटतौली की एफआईआर की गई है। पुलिस को इन पर कार्रवाई करनी है। घटतौली के 12 मामले में वाद दायर है। साथ ही 25 मामलों में फैसला होना है। सहायक चीनी आयुक्त ने कहा कि गन्ना सेंटरों पर घटतौली नहीं होने दी जाएगी। किसानों का शोषण नहीं होगा।