विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मामले में एसडीएम-तहसीलदार समेत सात के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर की गई है। आरोपी बनाए गए तहसीलदार अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
अफजलगढ़ थाने में कोर्ट के आदेश पर पवन पुत्र कृपाल सिंह निवासी आलमपुर गांवड़ी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें कहा गया कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। उसे विधानसभा चुनाव 2017, लोकसभा चुनाव 2019 और ग्राम पंचायत चुनाव 2021 में मतदान किया और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज था। आरोप है कि अधिकारियों ने जानबूझ कर पद का दुरुपयोग करते हुए मतदाता सूची से उसका नाम काट दिया। जिससे उसके मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया।
वह जीवित है और अन्य विधानसभा की किसी सूची में उसका नाम शामिल नहीं है। आरोप है कि जातिगत रंजिश और छोटी जाति का समझते हुए तत्कालीन तहसीलदार रमेश और तत्कालीन धामपुर एसडीएम विजयवर्धन सिंह तोमर ने अन्य पांच अज्ञात लोगों के साथ मिलकर मतदाता सूची से नाम काट दिया।
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बता दें कि तहसीलदार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पुलिस ने एसडीएम विजयवर्धन सिंह तोमर, सेवानिवृत्त तहसीलदार रमेश और पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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