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करबला के शहीदों को नम आंखों से किया याद

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नजीबाबाद - मौलाना रजी हैदर। - फोटो : NAZIBABAD
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करबला के शहीदों को नम आंखों से किया याद
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नजीबाबाद (बिजनौर)। करबला के शहीदों की कुर्बानियों के जिक्र के साथ मजलिसों का मातमी दौर चौथे व अंतिम दिन भी जारी रहा। अंजुमनों ने जुलजना सहित कई मातमी जुलूस बरामद किए। नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ नम आंखों से करबला के शहीदों को याद किया।
नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी में चौथे और अंतिम दिन हजरत मौला अली की बारगाह में नम आंखों से नजराना-ए-अकीदत पेश करने, मातमी जुलूस और मजलिसों का दौर जारी रहा। दरगाह कमेटी के प्रशासक डॉ.हबीब हैदर की देखरेख में आयोजित चार रोजा मजलिसों के अंतिम दिन शम्सुल हसन हॉल में मातमी मजलिसों से माहौल गमगीन रहा।
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नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मजलिसों को मौलाना इरशाद अब्बास, मौलाना किरतास करबलाई, मौलाना मजाहिर हुसैन छौलसी, मौलाना तंजीम हुसैन सैंथली, मौलाना मिर्जा मेहर अब्बास, मौलाना रजी हैदर मंगलौरी ने खिताब करते हुए करबला के शहीदों के साथ हुए जुल्मो-सितम के किस्से बयां किए। उन्होंने कहा कि करबला की जंग के जरिये हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने दीन और इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बानियां दीं। वाक्याते करबला सुनकर जायरीनों ने सीनाजनी कर मातम का इजहार किया।
उधर, शिया वक्फ कमेटी उप्र के चेयरमैन सय्यद अली हैदर ने प्रशासक डॉ.हबीब हैदर के साथ हजरत मौला अली की बारगाह सहित दरगाह परिसर में स्थित रोजों पर पहुंचकर जियारत की।
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नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ निकाले मातमी जुलूस
नजीबाबाद। दरगाह परिसर में अंजुमन सदाय बारा ने जुलजना, इमामे हुसैन, हजरत अली अकबर के मातमी जुलूस बरामद किए। जुलूस के दौरान नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी में जायरीनों ने नम आंखों से शिरकत की। सीनाजनी के साथ हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की बेशकीमती कुर्बानियों को याद किया।

़जीबाबाद - मौलाना कायम रजा।- फोटो : NAZIBABAD

नजीबाबाद की जोगीरम्पुरी दरगाह पर मजलिस को खिताब करते शिया विद्वान।- फोटो : NAZIBABAD

नजीबाबाद के जोगीरम्पुरी में सय्यद राजू की मजार पर नजराना-ए-अकीदत पेश करते जायरीन।- फोटो : NAZIBABAD

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