जिले में नियमित बीडीओ का टोटा
बिजनौर। जिले में खंड विकास अधिकारियों का टोटा है। मात्र दो पूर्ण कालिक बीडीओ हैं। नौ ब्लाक का काम अन्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी देख रहे हैं। जिससे अधिकारियों पर काम का बोझ है। नियमित बीडीओ की कमी का काम पर असर है।
जिले में ग्यारह विकास खंड हैं। जिनमें कोतवाली देहात में अंबरीश कुमार तथा नूरपुर में दिनेश चंद शर्मा ही पूर्ण कालिक बीडीओ हैं। दिनेश चंद शर्मा पर जलीलपुर ब्लॉक तथा अंबरीश कुमार पर धामपुर ब्लॉक का भी प्रभार है। मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक का काम डीआरडीए के परियोजना निदेशक वीके श्रीवास्तव देख रहे हैं। एनआरएलएम के उपायुक्त ज्ञान सिंह नजीबाबाद तथा स्योहारा ब्लॉक की जिम्मेदारी संभाले हैं। किरतपुर ब्लॉक का प्रभार जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी केएम सिंह पर है। अफजलगढ़ ब्लॉक का जिम्मा उद्योग अधिकारी जौहरी पर है। नहटौर ब्लॉक सहकारिता विभाग के एडीसीओ ब्रजभूषण देख रहे हैं। इन अधिकारियों पर अपने विभाग का काम भी है। ब्लॉकों में नियमित बीडीओ के नहीं होने का असर विकास कार्यों पर हैं। कुछ दिन पहले कमिश्नर द्वारा नामित नोडल अधिकारी ने अफजलगढ़ ब्लाक के गांवों का स्पॉट निरीक्षण किया था। बताया गया कि जांच में योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी सामने आई थी। इस पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया था। इस समय मनरेगा में प्रवासियों को रोजगार देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। हल्दौर ब्लाक का कार्य डीटीओ डॉ. नरेंद्रपाल सिंह पर है।