हल्दौर के गांव बिसाठ के आंगनवाड़ी केंद्र के परिसर के बाहर बैठकर पढ़ते छात्र छात्राएं। संवाद।
हल्दौर। गांव बिसाठ में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को पहले कमरा खोलने में देरी की और फिर जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थियों को कक्ष में बैठाने से मना कर दिया। इस कारण शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को आंगबाड़ी केंद्र के परिसर में खुले में बैठाकर पढ़ाया। मामला अधिकारियों में पहुंचा, तो जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थियों को नवादा तुल्ला स्थित विद्यालय में स्थानांतरित किया। हल्दौर ब्लाक के ग्राम बिसाठ स्थित जूनियर हाईस्कूल में कुल 33 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्या नीलम, सहायक अध्यापिका रुचिता और रेशमा परवीन तैनात हैं। जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाचार्य नीलम दो दिन के अवकाश पर चल रही, जबकि सहायिका रुचिता बीआरसी कार्यालय पर स्कूल के जरुरी कार्य से गई थी।
शिक्षिकाओं ने बताया कि इस विद्यालय का भवन करीब ढाई वर्ष पहले जर्जर हो गया था। सुरक्षा को देखते हुए यहां के विद्यार्थियों को समीप स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट कर दिया था। वहां आंगनबाड़ी केंद्र में एक ही कमरा है और उसमें भी करीब 30 बच्चे पंजीकृत हैं। वहां पूनम और सोनम आंगनबाड़ी तैनात हैं। एक कक्षा में इतने छात्र और स्टाफ ज्यादा होने से दोनों को परेशानी हो रही थी।
बृहस्पतिवार को जब जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थी पढ़ने पहुंचे, तो केंद्र पर ताला बंद मिला। शिक्षिकाओं ने आंगबाड़ी संचालिकाओं को कक्ष खोलने को कहा। कुछ देर बाद ताला खुल गया, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्कूल के विद्यार्थियों को कक्ष में बैठाकर पढ़ाई कराने को मना कर दी। शिक्षिका ने आंगनबाड़ी परिसर में ही छात्रों को बैठाकर पढ़ाया और अधिकारियों को सूचना दी।