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ताकत को पहचानें और निडर होकर साध लें लक्ष्य

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अपनी ताकत को पहचानें और निडर होकर आगे बढे़ं बेटियां
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बिजनौर। खुद को कमतर नहीं आंकना है, क्षमता में कहीं कोई कमी नहीं है, बस ताकत को पहचाना होगा। फिर निडर और निर्भीक होकर लक्ष्य को साध लें। यह बातें एएसपी देहात रामअर्ज ने कहीं। मौका था, अपराजिता कार्यक्रम के आयोजन का। जिसमें छात्राओं को एएसपी ने सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबी बनने का मंत्र दिया। कड़ी मेहनत कर सफलता के शिखर को छू लेने के लिए प्रेरित किया।
बुधवार को कृष्णा कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि एएसपी देहात राम अर्ज फीता काटकर कार्यक्रम सभागार की ओर बढ़े। मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। यत्र नार्यस्तू पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता, संस्कृत के इस श्लोक से एएसपी देहात ने भारतीय समाज में नारी की स्थिति पर प्रकाश डाला। सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर चर्चा करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। यह भी बताया गया कि सफलता का शार्टकट नहीं होता, कड़ी मेहनत करने से डरे नहीं, बल्कि संघर्ष करते हुए सफलता को छू लें। जीवन में आने वाली कठिनाइयों का डटकर मुकाबला करने की सीख दी गई। सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी गई। गलत का विरोध करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल की जा सकती है। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर कंचन चौहान ने किया।
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मन की चाह से मिलती है राह
लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए परेशानियां आती हैं। परेशानियों से डरना नहीं है। अभाव को कमजोरी न बनने दें। मन की चाह से परेशानियों में भी रास्ता निकल आता है। जीवन संघर्ष है, संघर्ष की सफलता अच्छी लगती है। निडर होकर लक्ष्य पाने के लिए प्रयास करते रहें-राम अर्ज, एएसपी देहात
अंदर की ताकत को जुटाओ
अतीत में नारी को समाज में उच्च स्थान प्राप्त था। बाद में नारी कमजोर क्यों होती गई, इस पर विचार करना है। घुंघट आते चले गए, जोकि हमारी सभ्यता का हिस्सा नहीं है। नारी ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है। हमें अपने अंदर की ताकत को जुटाना होगा। चुप्पी तोड़कर गलत के खिलाफ आवाज उठानी होगी-डॉ. सीमा शर्मा, प्राचार्य
नारी गौरव है, अभिमान है। नारी ने ही विधान रचा है। यही दुर्गा का अवतार है। खुद को कमजोर नहीं समझें, अपनी ताकत को पहचानें। निर्णय लेने में समक्ष बनें। महिलाओं के सशक्त होने से समाज मजबूत होगा। मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को मजबूत बनाएं-डॉ. पायल राठी
विषम हालात में भी मानसिक मनोबल को बनाए रखें। परेशानी होने पर अपनी मां या बड़ी बहन के साथ शेयर करें। ऐसा नहीं कर सकते हैं तो महिला हेल्पलाइन नंबर का सहारा लें। महिला हेल्पलाइन नंबर पर महिला ही आपकी परेशानी को सुनेगी ओर निस्तारण कराया जाएगा-राधेश्याम, प्रभारी निरीक्षक
कॉलेज या कहीं आते जाते हुए कोई तंज कसता है, या फिर परेशान करता है तो चुप नहीं रहना है। विरोध जरूर करें। मान सम्मान को ठेस पहुंच रही है तो महिला हेल्पलाइन नंबर या एंटी रोमियो की टीम सूचना दें। शिकायत करने पर पहचान गुप्त रखते हुए कार्रवाई की जाती है-स्वाति शर्मा, उप निरीक्षक
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सुरक्षा का दायरा बना रहेगा तो ही विकास संभव है। खुद को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ें। नारी के विकास से ही परिवार और समाज का विकास संभव है। मन लगाकर पढ़ाई करें। शिक्षा के बिना तरक्की संभव नहीं है। शिक्षित नारी परिवार की रीढ़ बन जाती है-पवन कुमार, प्रबंध निदेशक

बिजनौर के कृष्णा कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में विचार रखते प्रबंध निदेशक पवन कुम?- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के कृष्णा कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में विचार रखती प्राचार्या डॉ. सीमा शर?- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के कृष्णा कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में विचार रखती डॉ.पायल राठी।- फोटो : BIJNOR

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