बिजनौर में तेजी पकड़ रहा रियल एस्टेट
बिजनौर। जिले में रियल एस्टेट का काम तेजी पकड़ रहा है। कोरोना के बाद बदले हालात ने प्रापर्टी में निवेश करने में लोगों का रुझान बढ़ा है। रजिस्ट्री ऑफिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो लोग सबसे ज्यादा निवेश प्लाटिंग में कर रहे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 6034 प्लाटों के बैनामे हो चुके हैं। 905 मकान, तीन हजार कृषि भूमि के बैनामे बिजनौर रजिस्ट्री कार्यालय में कराए गए। ऐसे में सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में अब तक 27 प्रतिशत अधिक स्टांप बिक चुके हैं।
कोरोना काल में जहां अधिकांश कारोबार बंदी की कगार पर आए तो कुछ को जबरदस्त घाटा हुआ। प्रापर्टी के काम में भी कुछ गिरावट रही। जैसे ही कोरोना का साया हटा, प्रापर्टी में लोगों का रुझान भी बढ़ गया। जिलेभर की बात करें तो इस साल स्टांप बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 38 करोड़ ज्यादा वसूली हुई। बिजनौर रजिस्ट्री कार्यालय पर वित्तीय वर्ष 2019-20 में 44 करोड़ रुपये के स्टांप बिके थे, जो वित्त वर्ष 2020-21 में बढ़कर 56 करोड़ 16 लाख तक पहुंच गया। कुल 27 प्रतिशत ज्यादा स्टांप बिके। यदि अब बैनामों को देखें तो सबसे ज्यादा प्लाट बिक रहे हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष में बिजनौर तहसील क्षेत्र में 4668 प्लाटों के बैनामे हुए थे। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 6034 प्लाट के बैनामे हो चुके हैं। मकानों के बैनामों की संख्या वर्तमान वित्तीय वर्ष में 905 तक पहुंच चुकी है, पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 675 थी। खेती की जमीन खरीदने में भी लोगों की खूब रुचि रही। पिछले वित्तीय वर्ष में बिजनौर तहसील क्षेत्र में 2443 खेतों के बैनामे हुए थे। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक तीन हजार खेतों के बैनामे हो चुके हैं। कुल बैनामों की बात करें तो पिछले वर्ष 7758 बैनामे हुए थे, इस वित्तीय वर्ष में कुल 9844 बैनामे हो चुके हैं।
रोजाना हो रहे हैं 60 बैनामे
रजिस्ट्री कार्यालय के उपनिबंधक अशोक कटारिया ने बताया कि इस समय बैनामों के लिए काफी भीड़ लग रही है। प्रतिदिन की बात करेें तो औसतन 60 से ज्यादा बैनामे हो रहे हैं। लोगों का रुझान रियल एस्टेट में बढ़ता नजर आ रहा है। रजिस्ट्री कार्यालय में हो रहे बैनामों पर नजर डालें तो पता चलता है कि महिलाओं के नाम सबसे ज्यादा बैनामे हो रहे हैं। औसतन 60 प्रतिशत बैनामे महिलाओं के नाम हो रहे हैं। इसका कारण महिलाओं के नाम पर मिलने वाली छूट को माना जा रहा है। महिलाओं को एक प्रतिशत की छूट रहती है, इसी बचत को करने के लिए महिलाओं के नाम बैनामे कराने का बड़ा कारण माना जा रहा है।