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स्कूलों में साढ़े सात माह बाद लौटी रौनक

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अफजलगढ़ में राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज में छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग करती शिक्षिका। - फोटो : BIJNOR
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स्कूलों में साढ़े सात माह बाद लौटी रौनक
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बिजनौर। जिले के स्कूलों में करीब साढ़े सात माह बाद रौनक लौटी। छात्रों की उपस्थिति कम रही। अभिभावकों ने सहमति के बाद भी छात्र-छात्राओं को स्कूल नहीं भेजा। लखनऊ से आए अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा वीके पांडेय ने कई स्कूलों का निरीक्षण किया।
जिले में यूपी बोर्ड के 387 तथा सीबीएसई व आईसीएसई के 106 स्कूल कोरोना के कारण मार्च से बंद थे। इन स्कूलों में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। शासन ने स्कूल खोलने के लिए अभिभावकों से सहमति पत्र लिए थे। यूपी बोर्ड के करीब एक लाख अभिभावकों में से 40,587 ने सहमति दी थी। सोमवार को सभी स्कूल खुले, जिनमें 15,048 छात्र-छात्राएं पहुंचे। कुछ स्कूलों में छात्र-छात्राएं आए ही नहीं। कुछ में एक दो छात्र ही आए।
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स्कूलों में कोरोना से बचाव के लिए शासन का गाइडलाइन का पालन किया गया। पब्लिक स्कूल में अभिभावकों की 10-15 प्रतिशत ही सहमति मिली। माडर्न एरा पब्लिक स्कूल मंडावर 33 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राएं पहुंचे। अपर राज्य परियोजना निदेशक वीके पांडेय ने जिला मुख्यालय समेत नौ विद्यालयों का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से बात की। उन्हें सैनिटाइजर वितरित किया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद छात्र-छात्राओं को स्कूलों में प्रवेश दिया गया। उन्होंने आशा जताई कि दो तीन दिन में छात्रों की उपस्थिति सामान्य हो जाएगी। उनके साथ जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार भी मौजूद रहे। वहीं, प्रशासन ने स्कूलों के निरीक्षण के लिए बीडीओ तथा खंड शिक्षा अधिकारी की तैनाती की थी। एक दो जगह को छोड़कर कहीं भी टीम निरीक्षण करने नहीं पहुंची।
दोस्तों को देख खुशी से झूम उठे
बिजनौर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पढ़ने वाली अनिशा, महक, आयशा, सान्या, राजकीय इंटर कॉलेज के सूर्यांश, अरुण, आतिफ, माडर्न एरा पब्लिक स्कूल मंडावर का रितेश का कहना था कि ऑनलाइन पढ़ाई से विषय समस्याएं दूर नहीं होती थी। गणित, विज्ञान में ज्यादा परेशानी थी। शिक्षक के सामने रहकर ही परेशानी दूर होती है। परिजनों ने गाइडलाइन का पालन करने को कह दिया था। स्कूल मेें अच्छा इंतजाम है। अपने मित्रों से मिलकर वह बहुत खुश हैं।
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देहात के स्कूलों में बहुत कम रही उपस्थिति
फोटो
अफजलगढ़/नगीना/हीमपुरदीपा/बढ़ापुर/नींदड़ू/चांदपुर। राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज में पहली पारी में चार, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पहली पारी में 21, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में 14 ही छात्राएं ही विद्यालय पहुंचीं। नगीना में हिंदू इंटर कॉलेज में पहली पाली में 45, दूसरी पाली में 95, एमएम इंटर कॉलेज में 49 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थित रहे। हीमपुर दीपा के दयानंद जनता इंटर कॉलेज में दोनों पालियों में 21 छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचीं। बढ़ापुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में पांच-छह छात्राएं ही छात्रवृत्ति के फार्म जमा करने आईं। कक्षा नौ से 12 तक की करीब 700 छात्राओं में से अब तक केवल दो छात्राओं के अभिभावकों की ही लिखित सहमति मिली है। श्री फकीर चंद आर्य इंटर कॉलेज में प्रथम पाली में तीन छात्र व द्वितीय पारी में इंटरमीडिएट का केवल एक ही छात्र कॉलेज पहुंचा। नींदडू़ के ग्रामीण अंचल के चार स्कूलों में पहले दिन की प्रथम पाली में छात्र उपस्थिति मात्र 20 प्रतिशत रही। मनकुआं में पहली पाली में 38 व दूसरी में 39, बसेड़ा खुर्द में पहली पाली में तीन व दूसरी में उपस्थिति शून्य रही। चांदपुर के स्कूलों में भी बहुत संख्या रही।

हीमपुरदीपा के दयानंद जनता इंटर कॉलेज में सहमति पत्र दिखाते छात्र।- फोटो : BIJNOR

नगीना के एम एम इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान छात्राओं से बात करते एसडीएम घनश्याम वर्मा।- फोटो : BIJNOR

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