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बिजनौर: कालागढ़ में लगातार बढ़ रही दुर्लभ प्रजाति के सांपों की संख्या

Thu, 03 Sep 2020 01:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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कालागढ़ के कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल में कोबरा सांप नाजा नाजा को दिखाते त्वरित अनुक्रिया दल क? - फोटो : BIJNOR
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शांत वातावरण व जंगली झाड़ियों के प्राकृतावास सांप के अनुकूल होने से कालागढ़ में सांप अधिक नजर आ रहे हैं। सांप को मारने की प्रवृत्ति के कम होने व संरक्षण की वजह से सांपों की जनसंख्या बढ़ गई है। कालागढ़ में लगातार सांप निकलने को वन विभाग ने गंभीरता से लिया है।

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बुधवार की सुबह नयी कॉलोनी में संजीव कुमार के आवास में कोबरा सांप निकला। परिवार में मात्र दो सदस्य ही मौजूद थे। सांप के आकार व फुफकार को देखकर वह डर गए। सूचना मिलने पर त्वरित अनुक्रिया दल ने सांप को कब्जे में लेकर घने जंगलों में ले जाकर छोड़ दिया। इसके अलावा हाइड्रिल व नई कालोनी में ही करैत भी घरों के अंदर से पकड़ कर वनों में छोड़े हैं।

कालागढ़ में एक के बाद एक जहरीले सांपों के निकलने के चलते वन विभाग ने नागरिक सुरक्षा के लिए जनता से अपने घरों के आसपास सफाई बनाए रखने की अपील की है। कालागढ़ में कोबरा, करैत, वाईपर जैसे जहरीले सांप आए दिन नजर आ रहे हैं। सांपों की बढ़ती संख्या के कारण वन विभाग ने कालागढ़ में त्वरित अनुक्रिया दल गठित कर एक सर्प विशेषज्ञ को इसका प्रभारी बनाया।

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दल के प्रभारी कुमार दीपक के अनुसार कालागढ़ में जून व जुलाई में 51 सांपों को कार्बेट नेशनल पार्क के घने जंगलों में आबादी से पकड़ कर छोड़ा गया। सांप शांत वातावरण में रहना पसंद करता है।

कालागढ़ में प्रत्येक मकान के आसपास रसोई बगीचे की जगह है। जिसमें पहले कर्मचारी सब्जी उगाया करते थे। वर्तमान में बड़ी संख्या में आवासों का ध्वस्तीकरण होने से उनका मलबा पड़ा हुआ है। झाड़ियां उग आई हैं। पहले लोग सांप को मार देते थे, लेकिन अब वन संरक्षण अधिनियम लागू होने और उसमें सांपों को संरक्षित प्रजाति में शामिल कर लेने के कारण कड़े दंड का प्रावधान है।

उधर कालागढ़ के उप प्रभागीय वन अधिकारी कुंदन सिंह खाती का कहना है कि बरसात के दिनों में बिलों में पानी भर जाने की वजह से जीव बाहर निकल आते हैं। कालागढ़ में आबादी कम होने की वजह से इन्होंने अपने बिल अधिक बना लिए हैं।

लॉकडाउन के दौरान सामान्य आवागमन कम होने से जीवों की निर्बाध विचरण करने की प्रवृत्ति भी बढ़ गई है। सांप भी अधिक घूम रहे हैं। सांप से बचाव के लिए वन विभाग ने विष निष्क्रिय किट चिकित्सालय में भी रखवा दी है। अपने घरों के आसपास की जमीन साफ रखने से ऐसे जीव घरों में प्रवेश नहीं करेंगे।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन रमाकांत तिवारी का कहना है कि सांप किसी को डस लेता है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो सरकारी चिकित्सालय से प्रमाणित होने पर आश्रित परिवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।
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