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रंग एकादशी आज, मचेगा हुरियारों का हुड़दंग

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रंग एकादशी आज, मचेगा हुरियारों का हुड़दंग
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धामपुर। जैसे बरसाने की लट्ठमार होली विख्यात है, वैसे ही धामपुर में रंग एकादशी से दुल्हैंडी तक मनाई जाने वाली होली भी विशिष्ट है। आज (शुक्रवार) से इसकी शुरूआत हो जाएगी और 10 मार्च दुल्हैंडी धामपुर की सड़कों पर हुरियारों का हुड़दंग रहेगा। सूखे और गीले रंग की होली के जुलूस निकलेंगे और रास्तों से गुजरने वाले हर शख्स को रंगों से सराबोर कर दिया जाएगा।
धामपुर निवासी मास्टर यशपाल तुली, डाक्टर शंकर लाल शर्मा, पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता, महेंद्र धनौरिया, आदर्श होली हवन समिति के अध्यक्ष रवि चौधरी, अनिल शर्मा एडवोकेट, छोटे लाल सैनी आदि का कहना है कि धामपुर की होली मथुरा, वृंदावन और बरसाना की लट्ठ मार होली के बाद उत्तरी भारत की अति विशिष्ट होली में शामिल हैं। यहां होली का त्यौहार रंग की एकादशी से शुरू हो जाता है। जो होलिका दहन के बाद दुल्हैंडी तक चलता है। यहां की होली में सांप्रदायिक सौहार्द नजर आता है। विशेष समुदाय के लोग भी रंग में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है। महिला, पुरुषों और बच्चों पर होली का रंग का इस कदर हावी रहता है कि वह खुद भी रंग में सराबोर रहते हैं और आने जाने वालों को भी नहीं बख्शते।
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इस बार रंग की एकादशी शुक्रवार को है, लिहाजा पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है।
- मंदिर ठाकुरद्वारा बजरिया से निकलेगा गीले रंग का जुलूस
रंग की एकादशी पर मंदिर ठाकुरद्वारा, बजरिया की ओर से गीले रंग वाले जुलूस की शुरुआत होती है। जो नगर के सभी परंपरागत मार्गों से होता हुआ संपन्न होता है। 9 मार्च को होली वाले दिन सूखे रंग का जुलूस निकाला जाता है। 10 मार्च को होलिका दहन के बाद आदर्श होली हवन समिति की ओर से भव्यता के साथ दुल्हैंडी का जुलूस निकलता है, जिसमें मनोहारी झांकियों के साथ ढोल बाजे भी शामिल होते हैं। सभी जाति धर्मों के लोग मौजूद रहते है।
- रंगीन हो जाती हैं सड़कें
रंग की एकादशी के रंग का जुलूस निकलने के बाद प्रतिदिन सवेरे 8:00 बजे से शुरू होकर दोपहर बाद 2:00 बजे तक चलता है। इस दौरान धामपुर की गली मुहल्लों की सभी सड़कें रंगीन हो जाती हैं।
- पुलिस ने शांति व्यवस्था को जनता से मांगा सहयोग
सीओ महावीर सिंह राजावत का कहना है कि सभी संवेदनशील गली मोहल्लों में शांति समिति की बैठकें कर समिति सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा की गई है। जुलूस के संपन्न होने तक साथ रहने का दायित्व दिया गया है।
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- दो साल पूर्व हो गया था विवाद
नागरिक बताते है दो साल पूर्व सिपाही पर रंग फेंकने के कारण विवाद हो गया था। जिसे जनप्रतिनिधियों व पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर शांत करने के बाद जुलूस को फिर से निकलवाया था।
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