नगीना के जाने-माने सराफा व्यापारी और अखाड़ों में करतब दिखाने वाले रामकिशोर मित्तल का रविवार रात निधन हो गया। वे राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और 32 वर्षों तक बाल न कटवाने की प्रतिज्ञा निभाई थी। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बिजनौर जनपद के नगीना में मोहल्ला सराय मीर निवासी सराफा व्यापारी रामकिशोर मित्तल न केवल अपने व्यवसाय बल्कि अपने संकल्प और व्यक्तित्व के कारण भी जाने जाते थे। 90 के दशक में जब श्रीराम मंदिर आंदोलन अपने चरम पर था, तब उन्होंने प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण नहीं होगा, वे अपने बाल नहीं कटवाएंगे। उन्होंने यह संकल्प 32 वर्षों तक निभाया।
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योगासन और अखाड़ों में दिखाते थे हैरतअंगेज करतब
रामकिशोर मित्तल का व्यक्तित्व साधारण नहीं था। वे योगासन और अखाड़ों में अपने अद्भुत शारीरिक कौशल के लिए पूरे मंडल में प्रसिद्ध थे। कई मंचों पर उन्होंने ऐसे करतब दिखाए जिनसे दर्शक हैरान रह जाते थे।
नगर में शोक की लहर
रविवार देर रात उनके निधन की खबर से नगर में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह नगीना श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कई गणमान्य व्यक्तियों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में भाजपा क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान, पूर्व उपाध्यक्ष कुंवर कृष्ण बलदेव सिंह, विहिप उपाध्यक्ष प्रदीप गर्ग समेत कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। सभी ने उनके समाजसेवी और धार्मिक योगदान को याद किया।