बबीता के संग राजेश ने किया था प्रेम विवाह
बिजनौर। बबीता उर्फ बबली के संग राजेश अग्रवाल ने प्रेम विवाह किया था। राजेश की यह दूसरी शादी थी, जबकि पहली पत्नी और बच्चों को अपने घर अलीगढ़ में छोड़ दिया। लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी करने वाले राजेेश ने अब शिवलोक कॉलोनी बिजनौर मेें अपना घर बनाया। मकान पर बैंक से कर्ज भी लिया, जिसमें गारंटर हत्यारोपी मुकेश और धीरज रहे।
राजेश मूल रूप से अलीगढ़ की कृष्णा कालोनी में रहने वाला था। उसकी पहली पत्नी अलका शिक्षिका है, लेकिन पहली पत्नी और बच्चों से अब राजेश ताल्लुक नहीं रखता था। करीब 20 साल पहले गाजियाबाद की रहने वाली बबीता से विवाह कर लिया और बिजनौर ले आया था। बाद में रुमा से भी संबंध हो गए। रुमा से प्रेम संबंध ही दोहरे हत्याकांड तक ले आए।
बबीता बन रुमा ने उसकी मां को किया फोन
बिजनौर। बबीता के भाई ने बताया कि राजेश अग्रवाल और बबीता के लापता होने के बाद चिंता होने लगी। इसी बीच हत्यारोपी रुमा ने बबीता की मां शैली को फोन किया और बोली ‘मैं बबीता बोल रही हूं और हम काठगोदाम में हैं’। आवाज को लेकर उसकी मां संशय में पड़ गई। अनुमान लगाया कि अगर बबीता होती तो बात शुरू होने से पहले नमस्ते तो करती।
रुमा के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे राजेश
बबीता के मायके वालों ने बताया कि रुमा ब्यूटी पार्लर पर नौकरी किया करती थी। जिसके बच्चों की पढ़ाई का खर्च राजेश अग्रवाल उठा रहे थे। राजेश अग्रवाल और बबीता को कोई संतान नहीं थी। वहीं रुमा को दूध के लिए पशु भी खरीद कर दिए थे।
रुमा ने ही लापता होने का राज खोला
बबीता मूल रूप से टिहरी गढ़वाल की रहने वाली थी। बबीता के मौसेरे भाई अरविंद रावत ने बताया कि मेरे भाई की बेटी पारुल यहां ब्यूटी पार्लर का काम सीखने आई थी, जिसके चलते पारुल का नंबर रुमा के पास था। रुमा ने चार मार्च को पारुल को फोन किया और उनके दंपती के लापता होने की जानकारी दी। पारुल ने ही बबीता के भाई को फोन किया। तब कहीं जाकर उसका भाई मनोज यहां आया और गुमशुदगी दर्ज कराई।
बरामदगी मांग उठाते रहे आरोपी
बिजनौर। बबीता के मायके वाले जब पुलिस के पास गए तो हत्यारोपी रुमा और मुकेश भी उनके संग थे। शुक्रवार को एसपी से मुलाकात की तो रुमा भी सबसे आगे थी। पुलिस ने बरामदगी के संबंध में सवाल जवाब करती थी। इतना ही नहीं राजेश अग्रवाल के रिश्तेदारों को भी लगातार गुमराह करने में हत्यारोपी लगे रहे।