तारीख- बारिश- हवा की रफ्तार
18 मार्च- 04 एमएम - 12 किलोमीटर/घंटा
20 मार्च- 32 एमएम - 10 किलोमीटर/घंटा
21 मार्च- 37 एमएम - 08 किलोमीटर/घंटा
साल 2010 से 2023 तक का मार्च में हुई बारिश-
साल- वर्षा
2010- 00
2011- 12.2
2012- 20.2
2013- 17.6
2014- 15
2015- 29
2016- 27
2017- 03
2018- 00
2019- 01
2020- 73.8
2021- 00
2022- 00
2023- 73
नोट: बारिश के आंकड़े एमएम में हैं और कृषि वेधशाला से लिए गए हैं।
बारिश से 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा गेहूं बर्बाद
पिछले चार दिन से बिजनौर जिले में मौसम खराब है। पिछले दो दिन में तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। इस बारिश ने जहां खेतों में गेहूं की फसल को गिरा दिया, वहीं किसानों के लिए यह आफत बन गई। पिछले तीन दिन में 73 एमएम बारिश मौसम विभाग ने दर्ज की। बारिश और हवा चलने से जिले में 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा (दस प्रतिशत) गेहूं बर्बाद हो गया है।
इसके अलावा सरसों की फसल को पांच से दस प्रतिशत एवं मसूर का तीन से पांच प्रतिशत की क्षति पहुंची है। अभी भी मौसम खराब होने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हुईं हैं।
जनपद में रबी 2022-23 की गेहूं फसल का क्षेत्रफल 152517 हेक्टेयर, तोरिया/राई सरसों का क्षेत्रफल 11230 हेक्टेयर और मसूर का क्षेत्रफल 1032 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। कृषि विभाग के अनुसार, 17/18 मार्च 2023 की रात्रि से तेज हवा के साथ हो रही बेमौसम बारिश से रबी फसलों में नुकसान हो रहा है। शासन के निर्देश पर कृषि अधिकारियों की टीमों ने मंगलवार को सर्वे किया। सर्वे में बारिश से गेहूं की फसल में 10 से 12 प्रतिशत, सरसों की फसल में पांच से 10 प्रतिशत और मसूर की फसल में तीन से पांच प्रतिशत क्षति का अनुमान है। अधिकारियों ने बताया कि बेमौसम से खराब हुई फसलों के आंकलन की आख्या भेज दी जाएगी।
बारिश ने धीमी की चीनी मिलों की चाल
बारिश होने से जनपद में खड़ी फसलों को नुकसान है। बारिश ने गन्ना छिलाई पर भी ब्रेक लगा दिया। क्रय केंद्रों पर जलभराव होने से तौल प्रभावित हो गई। जिससे चीनी मिलों में आपूर्ति पर्याप्त क्षमता से नहीं हो रही है। उधर, पावर कोल्हुओं पर बारिश से ब्रेक लग गया है।
72 घंटे के अंदर करें आवेदन
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदा से क्षति होने पर प्रतिपूर्ति का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि जिन किसान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तहत अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराया है। वह क्षतिपूर्ति लेने के लिए फसलों के नुकसान की 72 घंटे के अंदर सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर-18001035490 या फसल बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें। लिखित रूप में संबंधित बैंक, कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से भी सूचित करना आवश्यक होता है।
किसानों के माथे पर पड़ी चिंता की लकीरें
सोमवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिससे यहां सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को भारी क्षति पहुंची है। किसान बिजेंद्रपाल शास्त्री, अनुदीप, राकेश चौधरी आदि का कहना है बेमौसम बारिश से हमारी गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
खेतों में भरा पानी
बेमौसम बारिश से किसान परेशान हैं। दलहन, तिलहन की कटाई का चल रही है। बारिश व हवा से गेंहू की फसल जमीन पर गिर गई है। संतराम, यशपाल, मनोज कुमार आदि किसानों का कहना है कि इस समय गेंहू का दाना पका नहीं है। खेतों में पानी भर गया है। इससे गिरे गेहूं व सरसों को नुकसान होगा।
कोल्हुओं का संचालन प्रभावित
लगातार बारिश होने से अम्हेड़ा, जैनुलआबदीनपुर, कड़ापुर, नांगलजट आदि गांवों में पावर कोल्हू बंद हो गए हैं। गांव अम्हेड़ा में संचालित पावर कोल्हू स्वामी सनवर के अनुसार, दो दिन से लगातार बारिश होने से गन्ना परिसर में जलभराव और खोई के भीग जाने से कोल्हू बंद करना पड़ा। श्रमिक भी अपने घरों को चले गए।