फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काले धान की क्रय केंद्रों पर नहीं हुई तोल, खुले बाजार में बिका किसानों का धान

विज्ञापन
विज्ञापन
क्रय केंद्र धान खरीद में कर रहे आनाकानी
विज्ञापन

बिजनौर। अक्तूबर में बारिश से काली हुई धान की फसल केंद्रों पर नहीं खरीदी गई। किसानों को मजबूरी में आसपास के इलाकों में धान कम कीमत पर बेचना पड़ा है। किसानों को इससे भारी नुकसान हुआ है। क्रय केंद्रों पर भी धान की खरीदारी बहुत कम हुई है।
विज्ञापन

जिले में 50 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन में धान की फसल बोई जाती है। किसान मोटे धान को क्रय केंद्रों पर बेचते हैं। पिछले साल किसानों ने 49 हजार मीट्रिक टन धान क्रय केंद्रों पर बेचा था। इस बार जिले में धान खरीद का लक्ष्य 52 हजार 300 मीट्रिक टन रखा गया था। धान की खरीद शुरू भी हो गई थी लेकिन तैयार फसल पर हुई बारिश ने किसानों को बहुत नुकसान दिया। धान की फसल खेतों में पानी भरा रहने से काली पड़ गई और फसल में नमी भी खूब आ गई। यह फसल क्रय केंद्रों पर खरीदी जाने वाली फसल के मानकों पर खरी नहीं उतरी और किसानों को फसल बेचने के लिए बाजार का रुख करना पड़ा। धान की फसल के दाम 1960 रुपये प्रति क्विंटल थे, लेकिन किसानों को बाजार में फसल 1500 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर होना पड़ा। पिछले साल किसानों ने केंद्रों पर 49 हजार मीट्रिक टन धान बेचा था लेकिन इस बार पांच दिसंबर तक केवल 19 हजार मीट्रिक टन धान ही केंद्रों पर खरीदा गया है। केंद्रों पर गुणवत्ता खराब बताकर धान लौटाया गया। क्रय केंद्रों पर केवल दिसंबर तक ही तौल होनी है। अफजलगढ़ सिंह के किसान परम सिंह, हरदेव सिंह, विजयपाल सिंह, सुखविंदर सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने बारिश से काला हुआ बाजार में कम दाम पर बेचा है।
विज्ञापन

मानक के अनुसार खरीदा धान
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अमित कुमार के अनुसार मानकों के अनुसार ही धान खरीदा गया है। अभी भी कई जगह पर किसान धान बेचने के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें