बिजनौर के धामपुर में उमरी बिजलीघर के कई गांवों के किसानों ने सोमवार को बिजलीघर पर क्षेत्र के जेई को बंधक बनाकर प्रदर्शन किया। आरोप है कि जेई जान बूझकर पिछले दिनों से निगम से बिजलीघर पर आए नए पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर को चालू नहीं कर रहा है।
किसानों को चेताया कि यदि बिजलीघर पर मानक के अनुरूप में निगम के अफसर सेवा नहीं देंगे तो उन्हें यहां पर रहने नहीं दिया जाएगा। क्षेत्र के गांव उमरी, मोरना, पाडली, खदाना, चाकरपुर, अलादीनपुर, पालनी के सैकड़ों किसान उमरी बिजलीघर पर एकत्र हुए।
किसानों का आरोप है कि प्रदेेश सरकार की ओर से देहात को 16 घंटे बिजली आपूर्ति करने के आदेश है, जबकि यहां पर 24 घंटे में केवल चार-पांच घंटे बिजली आपूर्ति होने से किसान परेशान है। किसानों की फसलें सूख रहीं है। धान की नर्सरी की रोपाई नहीं हो सकी है। बिजलीघर पर पांच एमबीए के दो बिजली के ट्रांसफार्मर होने चाहिए।
गौरतलब है कि इनमें से ट्रांसफार्मर एक साल पहले चोर चुरा कर ले गए थे। उस चोरी गए ट्रांसफार्मर के स्थान पर निगम की ओर से एक माह पहले पांच एमबीए की क्षमता का एक नया बिजलीघर मिल गया है, पर जेई की मनमानी से वह ट्रांसफार्मर अभी तक चालू नहीं हो सका है। जिसका नुकसान जनता को झेलना पड़ रहा है।
किसानों ने रविवार शाम को भी बिजलीघर पर पहुंच कर यहां पर तैनात अफसरों की लापरवाही पर हंगामा किया था। आरोप है कि शिकायत करने पर एक्सईएन यहां आकर कभी व्यवस्था का जायजा नहीं लेते। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निगम के अफसरों ने एक साल पहले बिजली के कुओं के हुए कनेक्शनों की लाइन को भी नहीं तैयार किया है।
सूत्रों का कहना है कि निगम के अफसरों ने संबंधित किसानों से मिलीभगत कर उस समान को बेच कर निगम का चुना लगा डाला है। जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई न करने पर आंदोलन की धमकी दी है। प्रदर्शनकारियों में महावीर सिंह, मनोज कुमार, धर्मवीर सिंह, कौशलेंद्र कुमार, नितिन कुमार, सुभाष, जितेंद्र रहे।