- 45 दिन में सरकारी विभागों ने उद्यमी को नहीं किया भुगतान तो देगा बैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सरकार ने आम बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का भी ध्यान रखा गया है। टीआरईडीएस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बजट बढ़ाया गया है। इससे छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी। साथ ही सरकारी विभागों से भुगतान में देरी पर अंकुश लगेगा। इसको लेकर बिजनौर के उद्यमियों में खुशी की लहर है।
नीति-निर्माताओं ने एमएसएमई की भूमिका में रोजगार सृजन, निर्यात संवर्धन और स्थानीय उत्पादन वृद्धि को गंभीरता से स्वीकार किया है। छोटे उद्योगों को लेनदेन में परेशानी न हो। इसके लिए टीआरईडीएस (ट्रेड रिसिवेबल डिस्काउंटिंग सिस्टम) को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब इसका बजट 10 हजार करोड़ कर दिया गया है। पहले यह बजट कम था। आईआईए के डिविजनल चेयरमैन विकास अग्रवाल ने कहा कि जब कोई उद्यमी सरकारी विभाग में कोई सामान देता है तो नियम है कि 45 दिन के अंदर उद्यमी को भुगतान किया जाए। लेकिन निर्धारित दिनों में उद्यमियों को भुगतान नहीं होता। टीआरईडीएस को बढ़ावा देने से अब बैंक 45 दिन के बाद उद्यमी को अपनी तरफ से भुगतान करेंगे। बाद में सरकारी विभाग बैंक को भुगतान कर सकेंगे। इससे समय से उद्यमियों को भुगतान हो सकेगा।
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छोटे उद्यमियों के लिए अच्छा रहा बजट : विकास अग्रवाल
आईआईए के डिविजनल चेयरमैन विकास अग्रवाल ने कहा कि टीआरईडीएस को बढ़ावा देने से एमएसएमई इकाइयों को उनके बकाया बिल का शीघ्र भुगतान हो सकेगा। सरकार ने छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए यह अच्छा कदम उठाया है। बजट काफी अच्छा रहा।
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भुगतान तंत्र को पारदर्शी बनाने की अच्छी पहल : अवनीश अग्रवाल
आईआईए के चेयरमैन अवनीश अग्रवाल का कहना है कि बजट में एमएसएमई क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की विकास धुरी के रूप में पर्याप्त स्थान दिया गया है। भुगतान तंत्र को पारदर्शी बनाने की पहल अच्छी है।