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प्रोजेक्ट अलंकार योजना नहीं चढ़ी परवान

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प्रोजेक्ट अलंकार योजना नहीं चढ़ी परवान
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बिजनौर। शासन की माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रस्तावित प्रोजेक्ट अलंकार योजना परवान नहीं चढ़ सकी। योजना में इंटर कॉलेजों में पढ़ाई लिखाई की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। जिला अभिभावक संघ ने योजना पर शीघ्र अमल शुरू करने की मांग की है।
32 राजकीय इंटर कॉलेज और 73 अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ाई लिखाई की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू हुई। पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेज लिए गए, जो दिसंबर 2021 में शुरू हुआ। इसमें एसडीएम की अध्यक्षता वाली समितियों ने तहसीलवार राजकीय इंटर कॉलेज में आवश्यक जरूरतों का पता लगाया। दूसरे चरण में 73 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का टीम ने जनवरी में सर्वे किया। सर्वेक्षण में इंटर कॉलेजों में प्रयोगशाला, वाचनालय, पुस्तकालय, खेल सामग्री आदि सुविधाएं नहीं होने की बात सामने आई। सर्वेक्षण को पूरा हुए पांच माह से अधिक समय हो गया है। परंतु योजना का क्रियान्वयन आगे नहीं बढ़ा। डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि डीएम उमेश मिश्रा योजना क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष हैं। सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। प्रोजेक्ट अलंकार योजना में विद्यालयों की चारदीवारी कराना, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, वाचनालय, प्रशासनिक कक्ष, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, सोलर एनर्जी उपकरण आदि पढ़ाई लिखाई की एक दर्जन से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल हैं। क्रियान्वयन के लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति गठित है। डीआईओएस समिति के सचिव है।
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200 करोड़ का रखा गया है प्रावधान
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार योजना के क्रियान्वयन को 200 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। विद्यालयों को छात्र संख्या के अनुसार पैसा मिलेगा। 300 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को योजना से बाहर रखा गया है। 300 से 500 तक छात्र संख्या पर 25 लाख, 500 से 1000 तक छात्र संख्या पर 50 लाख, 1500 से 2000 तक छात्र संख्या पर एक करोड़ तथा 2000 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों को सवा करोड़ मिलेगा।
योजना में छह सहायता प्राप्त स्कूल ही मिले पात्र
शासन ने प्रोजेक्ट अलंकार योजना में शर्त रखी है कि योजना में उन्हीं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा जो 75 वर्ष पुराने हों तथा भवन जर्जर हालत में हो। डीआईओएस कार्यालय के मुताबिक जिले में केवल छह अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय ही पात्र मिले हैं।
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योजना पर शीघ्र हो कार्रवाई
अभिभावक संघ के जिला अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में ग्रामीण विद्यार्थी पढ़ते हैं। विद्यालयों में पढ़ाई की जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। छात्रों के हित में योजना पर शीघ्र अमल जरूरी है।
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