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Bijnor News: सड़कों पर जलभराव का समस्या, बढ़ रहा मच्छरों का कुनबा

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जलीलपुर क्षेत्र के गांव कमालपुर में हाईवे किनारे फैला कूड़ा।
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अमर उजाला पड़ताल
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- कागजों में ही हो रही साफ-सफाई और एंटी लार्वा का छिड़काव
- जलमग्ल सड़क से निकलने को मजबूर हैं सुल्तानपुर खादर के लोग
-25 गांवाें के लोगों का इसी रास्ते से है आना-जाना
-04 हजार आबादी सुल्तानपुर खादर में निवास करती है
-30 हजार के आसपास आबादी गांव बास्टा की है

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/चांदपुर। तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है। ये लाइनें चांदपुर क्षेत्र में साफ-सफाई के खोखले दावों पर सटीक बैठ रही है। चाहे बास्टा-अंथाई मार्ग हो या फिर जलीलपुर क्षेत्र का सुल्तानपुर खादर हो। इस रास्ते से 25 गांवों के लोगों का आना-जाना है। यहां मुख्य सड़क ही जलमग्न है। इससे लोगों को तो आवागमन में परेशानी हो रही है। साथ ही मच्छर भी पनप रहे हैं।

अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को चांदपुर, जलीलपुर क्षेत्र में साफ-सफाई, जलभराव की पड़ताल की। गांव बास्टा, बीबीपुरा, रतनपुर खुर्द, सुल्तानपुर खादर की पड़ताल में सामने आया कि कि रास्तों में जलभराव परेशानी का कारण है। यह सड़क बास्टा-खानपुर खादर के नाम से जानी जाती हैं। इस गांव की करीब चार हजार की आबादी है। इतना ही नहीं गांवों में गंदगी का अंबार है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। आने वाले महीनों में बुखार, डेंगू, मलेरिया का ज्यादा प्रकोप रहता है। मगर, गांवों में साफ-सफाई पर जोर नहीं दिया जा रहा है। चांदपुर, जलीलपुर, हीमपुर दीपा, बास्टा क्षेत्र स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील घोषित किया है। इसके बावजूद भी गांवों का गंदगी, जलभराव की समस्या बनी हुई है। हीमपुर दीपा में भी टंकी का निर्माण होने से आसपास कूड़ा, घास है।
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बरसात में इस रास्ते से निकलना हो जाता है दूभर
जलीलपुर क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर खादर की पड़ताल की। पड़ताल सामने आया कि गांव के मुख्य मार्ग की स्थिति बेहद खराब खराब है। सड़क पूरी तरह से जलमग्न है। ग्रामीण गुलशेर सैफी, राजपाल सिंह, सतीश कुमार आदि ने जल निकासी की स्थाई व्यवस्था करने की मांग की है। गुलशेर सैफी ने बताया बरसात में बिना ट्रैक्टर यहां से आवागमन मुश्किल हो जाता हैं।

गांव में गंदगी से बढ़ रहा मच्छर का प्रकोप
हीमपुर दीपा के गांव रतनपुर खुर्द में टंकी का निर्माण हुआ है। गांव रतनपुर खुर्द निवासी सुरेंद्र सिंह निंदना का कहना है कि बस्ती के बीच बनी पानी की टंकी के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिससे गांव में बीमारियों का फैलने का डर है।

महीनों तक नहीं होती नालों की सफाई
गांव बास्टा निवासी कृष्ण अवतार भटनागर ने बताया कि कस्बे की लगभग 30-35 हजार आबादी निवास करती है। नालियों की सफाई महीनों में होती है। कीटनाशक से छिड़काव नहीं हुआ। एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाए, जिससे मच्छरों से राहत मिल सके।

वर्षो से नहीं हुआ एंटी लार्वा का छिड़काव
गांव बीबीपुरा निवासी व्यापार मंडल अध्यक्ष तौकीर खान का कहना है कि कस्बे में साफ सफाई की समस्या बनी हुई है। वर्षों से एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं किया गया है। पिछले साल भी कई लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।

गांव में बंद पड़े कई नाले, पनप रहे मच्छर
गांव बीवीपुरा निवासी समाजसेवी नजाकत खान का कहना है कि बाईपास रोड पर गहरे नाले बने हुए हैं, जिनकी साफ सफाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए। कहीं-कहीं नाले बंद पड़े हुए हैं, जिनमें मच्छर पनप रहे हैं। यह बीमारी के वाहक हैं।

टंकी निर्माण हुआ पूरा, लगा गंदगी का अंबार
गांव रतनपुर खुर्द निवासी अभिनव लांबा ने कहा कि टंकी का निर्माण कार्य पूरा हुए लगभग छह माह बीत चुके है। कोई भी प्रशासन का अधिकारी इधर नहीं आया है। टंकी के आसपास झाड़ियां उग गई है। आसपास गंदगी हो गई है।
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विभागों के लगा चुके चक्कर, नहीं हुआ समाधान
गांव सुल्तानपुर निवासी अमित कुमार ने बताया गांव में जलभराव की समस्या है। समस्या के समाधान के लिए चांदपुर व ब्लाॅक मुख्यालय पर अनेक बार जा चुके हैं। मगर, कोई हल नहीं हुआ। गांव में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हैं।
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