प्राथमिक उपचार की प्राथमिकता है जरूरी
बिजनौर। यदि सही समय पर रोगी को प्राथमिक चिकित्सा मिल जाए तो संबंधित रोगी का जीवन बचाया जा सकता है। इस बात का सभी को ध्यान रखना चाहिए। वैसे तो वाहन कंपनियों की ओर से सभी वाहनों में फर्स्ट एड किट दी जाती है और बड़े वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स होता है।
आमतौर पर सभी वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स होता है। रोगी के पास तक एंबुलेंस पहुंचने तक रोगी को कुछ आराम मिले, इसलिए प्राथमिक उपचार दिया जाना अति आवश्यक है। प्राथमिक चिकित्सा का उद्देश्य कम से कम साधनों में इतनी व्यवस्था करना होता है कि चोट ग्रस्त व्यक्ति को सम्यक इलाज कराने की स्थिति में लाने में लगने वाले समय में कम से कम नुकसान हो। यह कभी-कभी जीवन रक्षक भी सिद्ध होता है।
उपचार देने में न करें देरी
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीआर नायर के अनुसार प्राथमिक उपचार के तीन उद्देश्य होते हैं। पहला जीवन संरक्षण, दूसरा स्थिति को ज्यादा खराब होने से बचाना व तीसरा रोग मुक्त होने में सहायता करना। यदि रक्तस्राव होता हो तो बंद करने का उपाय करें। गर्दन, छाती और कमर के कपड़े ढीले करके खूब हवा दें। प्राथमिक उपचार देने में कभी भी देरी नहीं करनी चाहिए।
प्राथमिक उपचार की होनी चाहिए जानकारी
जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डा. बीआर त्यागी ने बताया कि रोगी को प्राथमिक उपचार देने में बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए। इसके बारे में करीब करीब सभी को जानकारी होनी चाहिए है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य कम से कम साधनों में इतनी व्यवस्था करना होता है, जो कि पीड़ित को सम्यक इलाज कराने की स्थिति में लाने में लगने वाले समय में कम से कम नुकसान हो।