‘मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकना प्राथमिकता’
कालागढ़। कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में जाकर वन विभाग के कर्मियों को जैव विविधता के बारे में जानकारी की। एंटी पोचिंग चौकी का स्थलीय भ्रमण कराया गया। मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकना वन विभाग के कर्मियों की प्राथमिकता बताया।
कालागढ़ के कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में वन कर्मियों को मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण की कार्यशाला का समापन हुआ। इस मौके पर कालागढ़ टाइगर रिजर्व, कार्बेट टाइगर रिजर्व के लगभग 80 कर्मियों को रामगंगा बांध क्षेत्र के भ्रमण के दौरान बांध क्षेत्र की जैव विविधता को जानने का अवसर मिला। साथ ही वनों में वन्यजीवों की सुरक्षा व शिकार को रोकने के लिए कांदरू में बनाई गई एंटी पोचिंग चौकी की जानकारी दी गई। कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र मे विश्व प्रकृति निधि के जन्मेजय मिश्रा ने वन क्षेत्रों के संरक्षित, आरक्षित एवं अन्य वन प्रकार की जानकारी दी।
वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार पांडेय ने सूचना तथा जन संपर्क का महत्व, प्रचार एवं प्रसार, गुप्तचर का महत्व बताया। विकास रावत ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के बारे में बताया। निदेशक, कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र कल्याणी ने प्रतिभागियों के साथ अनुभव साझा किये तथा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी प्रशिक्षण विकास कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वन विभाग के उच्च अधिकारियों व विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।