हीमपुरदीपा दीपा क्षेत्र में कुल्लू मनाली से लौटे श्रमिक।
- फोटो : BIJNOR
चांदपुर। लॉकडाउन के चलते अनेक स्थानों पर फंसे लोगों को रोडवेज बसों से घर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए रोडवेज बसों को सैनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया गया है।
लॉकडाउन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में फंसे श्रमिक पैदल, साइकिल आदि से अपने घरों के लिए जाने लगे हैं। अब प्रशासन उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था बनाने में जुट गया है। रोडवेज विभाग ने बसों की साफ सफाई कर सैनिटाइज का काम शुरू कर दिया है। किसी भी समय प्रशासन का निर्देश मिलने पर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। चांदपुर रोडवेज बस स्टेशन प्रभारी नरेश सिंह ने बताया कि अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। लेकिन विभाग द्वारा अपनी तैयारी कर ली है। चांदपुर रोडवेज बस में बुधवार को 11 बसों की सफाई कर सैनिटाइज कर लिया गया है। चालक परिचालक को तैयार रहने को कहा गया है। जिस समय भी जहां के लिए निर्देश मिलेगें, बस को भेजा जाएगा।
------------
नाव में बैठकर नगर में प्रवेश कर रहे श्रमिकों को पुलिस ने वापस भेजा
मंडावर। नाव में बैठकर चोरी-छिपे उत्तराखंड से बिजनौर की सीमा में प्रवेश कर रहे 30 से 40 श्रमिकों को मंडावर पुलिस ने वापस भेज दिया। मंडावर थाना प्रभारी निरीक्षक लव सिरोही ने बताया कि मंगलवार की रात हरिद्वार और देहरादून के करीब 30 से 40 श्रमिकों की नदी के रास्ते सीमा में प्रवेश करने की सूचना मिली। पुलिस ने खादर क्षेत्र के गांव डैबलगढ़ में पहुंचकर श्रमिकों को नाव से उतरने से रोक दिया और उन्हें नाव में बैठाकर वापस भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बुधवार की सुबह पुलिस टीम के साथ गंगा किनारे बसे गांव सीमली, कोहरपुर, कुंदनपुर, टीप, डैबलगढ़ आदि गांवों का दौरा किया। इन गांवों के नाविकों को नाव में बैठाकर किसी को भी नदी पार नहीं कराने की सख्त हिदायत दी।