नजीबाबाद में अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपजिया कौन भले कौन मंदे... गुरुबाणी की इन पंक्तियों को आत्मसात करते हुए प्रेमधाम आश्रम ने 13 अनाथ व मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों को आश्रय दिया।
अपनों द्वारा त्याग देने के बाद शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम 13 बच्चों को अब सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी। सेंट मेरीज स्कूल ज्वालापुर की शिक्षिका सिस्टर असुंदा राजकीय बाल सुधार गृह हरिद्वार से 13 ऐसे बच्चों को लेकर प्रेमधाम आश्रम नजीबाबाद पहुंची, जो शारीरिक व मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के साथ अपनों द्वारा त्याग दिए गए थे। उन्होंने बच्चों को फादर बेनी तकेकरा व फादर बैजू के सुपुर्द किया। सिस्टर असुंदा ने बताया कि वर्ष 2010 में हरिद्वार से ही दो बालकों शुभांशु व पिंटू को प्रेमधाम आश्रम भेजा गया था। आश्रम द्वारा दोनों की परवरिश बेहतर ढंग से की गई।
हाल ही में हरिद्वार में बाल कल्याण समिति की बैठक में बाल सुधार गृह में रह रहे 13 अक्षम बच्चों को प्रेमधाम आश्रम भेजने का निर्णय लिया गया था। जिस पर आठ से 14 वर्ष आयु के बच्चों ललित, बंटी, गुड्डू, दीपक, संतोष, कहीना, शुभम, मुन्नू, रनालो, मोहबूल, शादाब, कुलदीप, छोटू को प्रेमधाम आश्रम भेजा गया। फादर बेनी ने बच्चों ने आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया। ब्रदर राजीव शर्मा व अन्य कर्मचारी बच्चों की सेवा में जुट गए।
नववर्ष का तोहफा
13 अनाथ अौर असहाय बच्चे प्रेमधाम आश्रम पहुंचने पर फादर बेनी अौर फादर बैजू ने प्रभु ईसामसीह द्वारा दिया नववर्ष का तोहफा बताया। उनके अनुसार बच्चों के भविष्य का कामना है।