बिजनौर। प्रबल हत्याकांड में बिजनौर की अदालत सात अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। मगर इस हत्या में 13 अन्य लोग भी शामिल थे, यह दावा करते हुए मृतक की बहन ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब अगली तारीख 11 अगस्त तय की गई है।
19 दिसंबर 2012 को शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान एक युवती से बात करने को लेकर प्रबल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था। 26 दिन बाद हस्तिनापुर क्षेत्र से गंगा खादर में प्रबल का शव मिला था। प्रबल हत्याकांड में 31 जुलाई को बिजनौर की अदालत ने सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सातों अभियुक्त जेल में सजा काट रहे हैं जबकि आठवें आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। उधर इस मामले में प्रबल की बहन प्राची ने हाईकोर्ट में पुन: निरीक्षण दाखिल कर 13 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाने की मांग की थी। सचिन अग्रवाल, रवींद्र अग्रवाल, दीपांशु उर्फ दीपू, संजीव सिंघल, अर्पित, अरविंद अग्रवाल, अजय अग्रवाल उर्फ राजू, रजनीश अग्रवाल, मोनू, घनश्यामदास गुप्ता, संजू, अक्षत अग्रवाल आदि के भी हत्या में शामिल होने का दावा किया गया था। अब इस पर 11 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
उम्रकैद की सजा में यह हैं जेल में बंद
-संजय गुप्ता पुत्र एसके गुप्ता निवासी मोहल्ला बाजार संभा
-विनय अग्रवाल पुत्र सुरेंद्र प्रसाद अग्रवाल निवासी कृष्ण प्लाजा मार्केट
-अपूर्व अग्रवाल पुत्र विनय अग्रवाल निवासी कृष्ण प्लाजा मार्केट
-निखिल अग्रवाल पुत्र रविंद्र कुमार अग्रवाल निवासी मोहल्ला जाटान
-राहुल गुप्ता पुत्र राजवीर गुप्ता निवासी मोहल्ला खत्रियान
-अनुज गुप्ता पुत्र घनश्याम दास गुप्ता निवासी नई बस्ती बिजनौर
-आशीष उर्फ आशु अग्रवाल पुत्र राजेंद्र अग्रवाल निवासी मोहल्ला जाटान