बिजनौर। छोईया में फैक्टरियों द्वारा बरसात की आड़ में केमिकल युक्त पानी बहाया जा रहा है। अब प्रदूषण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदूषण विभाग ने छोईया किनारे स्थापित तीन फैक्टरियों को नोटिस जारी किया है, जिसमें फैक्टरी संचालकों से छोईया का पानी गंदा होने के संबंध में जवाब मांगा है।
अमर उजाला में दो जुलाई के अंक में बारिश की आड़, छोइया में ला दी प्रदूषण की बाढ़ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। खबर छपने के बाद प्रशासन और प्रदूषण विभाग ने छोईया में केमिकल युक्त पानी बहाने का संज्ञान लिया। प्रदूषण विभाग की टीम ने छोईया से पानी का नमूना लिया, जिसकी लैब में जांच की जा रही है। जांच होने के बाद साफ हो जाएगा कि छोईया का पानी किस वजह से गंदा हुआ है। साथ ही छोईया में केमिकल युक्त पानी है या नहीं। अधिकारियों का दावा है कि कभी-कभी फैक्टरियों द्वारा सील्ट सफाई कर पानी छोड़ दिया जाता है। इसके लिए छोईया के किनारे स्थापित जैन डिस्टलरी, मोहित पेपर मिल, मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी को प्रदूषण विभाग ने इस संबंध में नोटिस जारी किए हैं। हर साल बरसात के दिनों में छोईया में केमिकल युक्त बहा दिया जाता है। जो गंगा में मिलकर दूषित कर रहा है।