बिजनौर में बिजनौर पुलिस ने मोबाइल पर लॉटरी में मोटी रकम निकलने का झांसा देकर रुपये उड़ाने वाले कानपुर के एक गैंग को दबोचा है। गैंग एक व्यक्ति से छह लाख 12 हजार रुपये उड़ा चुका था। पकड़े गए गैंग के तीन सदस्यों से बैंक की दो पास बुक और एटीएम बरामद हुआ है। गैंग लॉटरी के नाम पर बैंक खातों में रकम मंगवाता था। कई साल सक्रिय गैंग न जाने कितने लोगों को चूना लगा चुका है।
सिविल लाइन चौकी के प्रभारी अभितेंद्र सिंह के मुताबिक बिजनौर कोतवाली के गांव गजरौला अचपल निवासी बाबू हसन ने 11 जून को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने लॉटरी में उसका 51 हजार निकलने की बात बताए और बैंक खाते में एक हजार रुपये डलवाए। फिर टैक्स लगने की बात कहकर पांच हजार व दस हजार रुपये डलवा लिए।
इस तरह 28 किस्तों में आठ बैंक खातों में उससे छह लाख 12 हजार रुपये डलवा लिए और इनाम की राशि बढ़ाते गए। लूटा पिटा बाबू हसन इस बात को कई महीने तक दबाए रहा और बाद में उसने 11 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई। इस केस की विवेचना सिविल लाइंस चौकी के प्रभारी अभितेंद्र सिंह को सौंपी गई।
पुलिस कानपुर से शनिवार रात पशुपतिनगर थाना नौबस्ता निवासी मिश्रीलाल के पुत्र आनंद कुमार, मर्दनपुर थाना बर्रा कानपुर निवासी राम सिंह के पुत्र आदित्य उर्फ बबली व गिरवर के पुत्र राम सिंह को दबोच लाई। पूछताछ करने पर तीनों ने बाबू हसन से झांसा देकर छह लाख 12 हजार रुपये की ठगी करना कबूल किया है। अभितेंद्र सिंह के मुताबिक कई साल से ये गैंग सक्रिय होकर कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
पकड़े गए गैंग से बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई कानपुर शाखा की दो पासबुक, एचडीएफसी बैंक का एटीएम बरामद हुआ है। पुलिस ने पकड़े गए गैंग के बदमाशों का चालान कर दिया है।