फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्दशा : मोक्ष की चाह में स्नान घाट तक पहुंची चिताएं

विज्ञापन
स्नानघाट पर जहां लोग स्नान करते नजर आते हैं, वहीं उनके पीछे चिताएं भी जलती नजर आ रही हैं। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
दुर्दशा : मोक्ष की चाह में स्नान घाट तक पहुंची चिताएं
विज्ञापन

बिजनौर। जिसका अंतिम संस्कार गंगा के किनारे हो जाएगा, उसे वहीं मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इसी मान्यता के चलते सालों से बिजनौर गंगा बैराज के श्मशान घाट के पास बहती गंगा की धारा स्नान घाट कि निकट पहुंची तो लोग अंतिम संस्कार भी वहीं करने लगे। जिससे बैराज पर स्नान घाट को स्वच्छ बनाने के लिए सालों से काम कर रहे नमामि गंगे के अफसरों की चिंता बढ़ गई।
बिजनौर गंगा बैराज से करीब पांच सौ मीटर आगे श्मशान घाट बना हुआ है। वहां टीन शेड डालकर श्मशान घाट भी बनाए गए हैं। कुछ समय पहले तक श्मशान घाट के पास से होकर ही गंगा की धारा बहती थी। इसी के किनारे लोग अंतिम संस्कार करते थे। अब धारा पीछे हटी तो लोग अंतिम संस्कार करने के लिए आगे बढ़ गए। अब हालात यह हो गए हैं कि स्नान घाट से कुछ दूर ही अंतिम संस्कार हो रहे हैं। लोग एक ओर स्नान करते हैं, वहीं सामने चिताएं जलती नजर आ रही हैं।
विज्ञापन

गंगा को स्वच्छ रखकर मिलेगा पुण्य : प्रीति शुक्ला
नमामि गंगे की प्रोजेक्ट असिस्टेंट प्रीति शुक्ला कहती हैं कि मैने उन लोगों से बात की, जो वहां अंतिम संस्कार करने जाते हैं। उन्हें समझाया कि श्मशान घाट पीछे है तो वहीं पर अंतिम संस्कार करें। ताकि गंगा स्वच्छ रहे। लेकिन बात करने पर पता चला कि वहां अंतिम संस्कार करने से लोगों को फूल उठाने का संस्कार करना होगा। फिर गंगा में अस्थि विसर्जन करना होगा। इन सभी संस्कार से बचने के लिए गंगा की धारा के किनारे ही लोग अंतिम संस्कार कर रहे हैं। ताकि उन्हें दोबारा न आने पड़े। लेकिन यह गंगा की स्वच्छता के लिए सही नहीं है। लोगों को समझना होगा कि गंगा को स्वच्छ रखने से ही पुण्य मिलेगा।
विज्ञापन

निर्धारित स्थान पर ही करें अंतिम संस्कार : ललित शर्मा
गंगा किनारे अंतिम संस्कार पर पंडित ललित शर्मा कहते हैं कि शास्त्रों के अनुसार निर्धारित श्मशान घाट पर ही अंतिम संस्कार करना चाहिए। तभी मोक्ष प्राप्ति हो सकती है। हरिद्वार में भी देखें तो वहां भी पक्के श्मशान घाट बने हैं। गंगा स्नान घाट हमारा तीर्थ है, उसके पास अंतिम संस्कार करना ठीक नहीं है। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद अंतिम यात्रा के साथ जाने वालों को स्नान घाट पर आकर स्नान करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें