सहमति के विरुद्ध हुए फार्मासिस्ट के तबादले
बिजनौर। शासन ने निजी अनुरोध पर स्वास्थ्य कर्मियों के स्थानांतरण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई फार्मासिस्ट के तबादले उनकी बिना सहमति के ही गैर जनपदों में कर दिए गए। इससे फार्मासिस्ट में रोष व्याप्त है। उन्होंने शीघ्र ही आदेश को निरस्त करने की मांग की है।
स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले स्वयं के अनुरोध पर ही होंगे, स्थानांतरण नीति के तहत सात, दस, 15 साल एक शहर में पूरे कर चुके कर्मचारियों के तबादले की नीति अब लागू नहीं होगी। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य की हुई वार्ता में यह फैसला लिया गया था। इसके बावजूद कई फार्मासिस्ट के तबादले नियम विरुद्ध कर दिए गए। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रवि के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से वार्ता हुई थी। इस दौरान सहमति बनी थी कि वर्तमान में स्वयं के अनुरोध पर ही स्थानांतरण किए जाएंगे। साथ ही कोविड से दिवंगत हुए स्वास्थ्य कर्मियों के परिजनों को शीघ्र 50 लाख की बीमा राशि दिलाई जाएगी, जिसकी सूची उनके द्वारा संगठनों से मांगी गई थी।
मुख्यमंत्री ने कोविड से मृत कर्मचारियों के परिजनों को 50 लाख बीमा राशि दिए जाने, मृतक आश्रितों को शीघ्र नौकरी दिए जाने, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सभी संवर्गों का पुनर्गठन किए जाने, रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती कराने, 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि तत्काल उपलब्ध कराने, विभाग के सभी संवर्गों के उच्च पदों पर तत्काल पदोन्नति कराने आदि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव मांगा था। इसके बावजूद महानिदेशालय का घेराव कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।
तत्काल ज्वाइन करने के निर्देश
बिजनौर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक दीपक कुमार का बिजनौर से सीतापुर के लिए स्थानांतरण किया गया है। आयुक्त अनीता सिंह ने दीपक कुमार को निर्देशित किया है कि वे अविलंब नवीन तैनाती के जनपद में तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें।