बिजनौर-नगीना मार्ग पर गांंव रशीदपुर गढ़ी के सामने हुए गड्ढ़ो से निकलती कार। संवाद (पड़ताल के फो
बिजनौर। कोतवाली मार्ग पर शास्त्री चौक से वीकेआईटी तक सड़क के गड्ढों का समाधान नहीं हो रहा है। गड्ढों में वाहन ही नहीं बल्कि लोग भी हिचकोले खा रहे हैं। पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में ही मुश्किल हो जाती है।
बिजनौर कोतवाली मार्ग को पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे में शामिल कर लिया गया था। जिसके चलते वीकेआईटी कॉलेज से कोतवाली तक सड़क हो हाईवे में तब्दील करते हुए निर्माण कर दिया गया है। वीकेआईटी के पास से नजीबाबाद मार्ग तक इस हाईवे का बाईपास भी बनाया गया है। अब शास्त्री चौक से वीकेआईटी तक पांच किलोमीटर लंबी सड़क हाईवे से भी बच चुकी है। इसका जिम्मा नेशनल हाईवे प्राधिकरण के पास है। मगर सड़क की मरम्मत नहीं हो रही है। आलम ये है कि शास्त्री चौक से वीकेआईटी तक सडक़ में जगह-जगह गड्ढे हैं।
गांव मलकपुर देहरी निवासी निपेंद्र राठी बताते हैं कि गांव से जिला मुख्यालय तक आने के लिए वीकेआईटी तक तो सड़क टीक है मगर इससे आगे वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। यह मालूम ही नहीं पड़ता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।
राजीव कुमार बताते हैं कि सड़क में गड़ढोें में पानी भर जाता है तो गड्ढे नजर ही नहीं आते। जिससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। साथ ही वाहन में भी टूट फूट होने का अंदेशा रहता है।
नितिन शर्मा बताते हैं कि सड़क में गड्ढों के साथ साथ उड़ती धूल बाइक सवारों के लिए बेहद परेशान करती है। रेलवे फाटक से गांव गढ़ी तक सड़क पर गड्ढों और धूल से हर कोई परेशान है।
बिजेंद्र सिंह बताते हैं कि इस सड़क पर गड्ढोें की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों ही गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली पलट गई थी। बाइक सवार आए दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बिजनौर कोतवाली मार्ग में शास्त्री चौक से वीकेआईटी कॉलेज तक सड़क की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई को भेजा गया है। फिलहाल यह सड़क एनएचएआई के अधीन है। अगर एनएचएआई से बजट मिलता है तो सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी। - हेमंत प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि