कंट्रोल रूम से भी मरीजों को नहीं मिल रही मदद
बिजनौर। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना महामारी में मदद के लिए जारी किए गए नंबरों के न लगने की लगातार शिकायत आ रही हैं। ऐसे में मरीज इलाज के लिए दर-दर तो भटक ही रहे हैं, साथ ही हेल्पलाइन से भी उन्हें कोई मदद मिलती नजर नहीं आ रही है।
नगर के मोहल्ला भरत विहार निवासी अरुण वर्मा के वेयर हाउस में एसडीओ के पद से सेवानिवृत्त पिता राजेंद्र वर्मा (73) की पिछले करीब एक माह से तबीयत खराब चल रही है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में आरोप लगाया कि बिजनौर का जिला प्रशासन मदद नहीं कर रहा है। अरुण ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने अपने पिता को नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आराम न मिलने पर वे उन्हें लेकर इलाज कराने के लिए सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ ले गए। तबीयत में सुधार होने पर वहां के चिकित्सकों ने उनकी छुट्टी कर दी। फिर से तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन ऑक्सीजन न मिलने के कारण पिता को डिस्चार्ज कर दिया गया। चिकित्सक के ऑक्सीजन के लिए लिखने पर भी उन्हें ऑक्सीजन नहीं दी गई। इस दौरान सीएमएस से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। जब उन्होंने इस मामले की शिकायत कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर करने की कोशिश की तो कोई भी नंबर रिसीव नहीं किया गया। परेशान होकर अपने वे अपने घर को लौट गए। सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि निजी चिकित्सक अपने स्वार्थ के लिए मरीजों के परिजनों को तनाव दे रहे हैं, जो गलत है। उन्होंने बताया कि जो इस प्रकार का काम करेंगे, तो संबंधित चिकित्सकों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।