फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मालन नदी के तट पर विकसित किया जाएगा पार्क

विज्ञापन
विज्ञापन
मालन नदी के तट पर विकसित किया जाएगा पार्क
विज्ञापन

बिजनौर। बीच में कल-कल बहती मालन नदी और तट पर मनोरम नजारा होगा। कुछ ऐसी कवायद होने लगी है। दरअसल मालन के तट पर पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क में पंचवटी बनेगी, जिसमें फुलवारी भी शोभा बढ़ाएगी। यात्रियों के बैठने के लिए शेड और कुर्सियां बनाई जाएंगी। जिसका मकसद पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। वहीं मालन की खाली कराई गई जमीन पर फिर से अतिक्रमण भी नहीं हो पाएगा।
पिछले दिनों मालन नदी की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। वहीं मालन की साफ सफाई कराने के साथ ही सिल्ट को भी हटाया गया।
बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर पुल के नीचे और आसपास मालन नदी की काफी जमीन खाली पड़ी हुई है। जिसे उपयोग करने का प्रशासन ने खाका तैयार किया है। पार्क बनाकर इस जमीन को उपयोग में लाया जाना है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मालन नदी के पुल के नीचे पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क में पंचवटी भी बनाई जानी है। वहीं फलदार और फूलदार पौधे लगाए जाएंगे। फुलवारी के साथ साथ घास भी लगाई जानी है, जिससे पार्क की सुंदरता में चार चांद लगाए जा सके। पार्क की खासियत यह होगी कि इसका विस्तार दोनों तटों पर होगा और पार्क के बीच से होकर मालन नदी बहेगी।
विज्ञापन

यात्रियों को मिलेगी सुकून भरी जगह
बिजनौर से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को अगर कुछ देर के लिए ठहरना होगा तो मालन किनारे विकसित किए जाने वाले पार्क में रूक सकेंगे। जहां नदी किनारे उन्हें सुकून भरी जगह मिलेगी। बता दें कि कुंभ के दौरान एनसीआर के ट्रैफिक को वाया बिजनौर होकर हरिद्वार भेजा जाता है। सावन माह की कांवड़ में भी इस मार्ग से एनसीआर का ट्रैफिक गुजरता है। ऐसे में इस प्रमुख मार्ग पर पड़ने वाली मालन नदी के तटों को पार्क के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
ऐतिहासिक और प्राचीन नदी है मालन
कभी मालिनी कहलाने वाली नदी प्राचीन और एतिहासिक है। मालन के किनारे ही कण्व आश्रम हुआ करता था। यहीं पर राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रणय स्थली रही है। इनके बेटे राजा भरत ने भी यहीं मालन नदी के किनारे ही शेर के दांत गिने थे। भरत के नाम पर ही देश काम नाम भारत पड़ा।
विज्ञापन

हरिद्वार मार्ग पर पुल के नीचे मालन की खाली पड़ी जमीन में पार्क बनाने की योजना तैयार की जा रही है। जिसमें पंचवटी भी बनाई जाएगी। वहीं फुलवारी भी लगेगी। अन्य व्यवस्थाएं भी पार्क में रहेंगी। पार्क बन जाने से जमीन पर फिर से अतिक्रमण भी नहीं हो सकेगा।
- उमेश मिश्रा, डीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें