हैदरपुर वेटलैंड में चहक रहा पपीहा
बिजनौर। हैदरपुर वेटलैंड सर्दियों में ही नहीं गर्मियों में भी पक्षियों के लिए स्वर्ग बना हुआ है। हैदरपुर वेटलैंड में गर्मियों में भी देशभर से पक्षियों की 20 प्रजाति आई हैं। ये प्रजाति यहां प्रजनन करने के लिए आई हैं। 90 से ज्याद प्रजातियों के पक्षी अब भी यहां रह रहे हैं। साल भर में केवल महीने भर के लिए दिखने वाला पपीहा भी हैदरपुर वेटलैंड में उड़ान भर रहा है। सर्दी बीतने के बाद भी हैदरपुर वेटलैंड में पक्षियों की चहचहाहट कम नहीं हुई है।
मुजफ्फरनगर व बिजनौर की सीमा पर हैदरपुर वेटलैंड बसा है। हैदरपुर वेटलैंड गंगा की एक धारा से बनी झील है, जो सैकड़ों हेक्टेयर जमीन में फैली है। हैदरपुर वेटलैंड में पक्षियों की अनेक प्रजातियों का खजाना है। इस साल फरवरी में हुए बर्ड फेस्टिवल में वेटलैंड में देश विदेश की करीब 400 प्रजातियों के पक्षी मिले थे। इनमें 250 से ज्यादा विदेशी प्रजाति के पक्षी भी शामिल थे। माना जा रहा था कि वेटलैंड में केवल सर्दियों के मौसम में ही पक्षी आते हैं, लेकिन यह धारणा गलत साबित हुई है। हैदरपुर वेटलैंड में गर्मियों में भी देश भर से पक्षी आ रहे हैं। बर्ड वॉचर आशीष लोया को हैदरपुर वेटलैैंड में पक्षियों की 20 प्रजाति दिखी हैं। ये प्रजातियां सर्दियों में यहां नहीं थीं, इनमें बरसात में कुछ ही समय के लिए दिखने वाला पपीहा भी शामिल है। पपीहा मानसून आने से पहले दिखता है। इसे बरसात के आने का सूचक भी माना जाता है। इसे चातक भी कहा जाता है।
वेटलैंड में ये दिखीं प्रजातियां
हैदरपुर वेटलैंड में कॉटन पिगमी गूज, जेकाना, पेंटेड स्टॉर्क, हेरोन, पर्पल मूरहेन आदि गर्मियों में पहली बार दिख रहे हैं। ये आमतौर पर हिमालय क्षेत्र में रहते हैं। ये प्रजनन करने के लिए यहां पर आए हैं। बर्ड वॉचर आशीष लोया के अनुसार प्रजनन करने के लिए गर्मियों में भी कई प्रजाति के पक्षी हैदरपुर वेटलैंड में आ रहे हैं। पक्षियों की 20 नई प्रजाति हैदरपुर वेटलैंड में दिखी हैं। दलदली क्षेत्र में बच्चों के लिए बहुत खाना होने के कारण पक्षी यहां पर प्रजनन करने के लिए आ रहे हैं।
बिजनौर-मुजफ्फरनगर की सीमा पर बने हैदरपुर वैटलैंड में मिला पक्षी पपीहा।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर-मुजफ्फरनगर की सीमा पर बने हैदरपुर वैटलैंड में मिला पक्षी पर्पल मूरहेन।- फोटो : BIJNOR