फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजनौर : 30 घंटे चली पंचायत चुनाव मतगणना, कहीं कांटे की टक्कर, तो कही एकतरफा रहे मुकाबले

Mon, 03 May 2021 09:08 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
bijnor news - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

गांव की सरकार के चुनने के लिए उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में तकरीबन मतगणना का काम करीब 30 घंटे चला। सबसे पहले प्रधान की मतगणना पूरी हुई। ग्राम पंचायत सदस्य की मतगणना आखिर तक चली। निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का एलान जिला मुख्यालय पर हुआ। मतगणना में क ई जगह कांटे के मुकाबले हुए। जबकि कुछ जगह इकतरफा मुकाबले रहे।

विज्ञापन


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 1123प्रधान पद, 1393 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 56 जिला पंचायत सदस्य व 14066 ग्राम पंचायत सदस्य पद पर प्रत्याशी चुनने के लिए वोट गिने गए। मतगणना दो म ई को सुबह आठ बजे से शुरू हुई। शुरू में मतगणना बेहद धीमी रही। दुपहर 12 बजे के बाद मतगणना ने रफ्तार पकड़ी। मतगणना तीन म ई शाम तीन बजे तक चलती रही।

सबसे पहले दुपहर तीन म ई को एक बजे तक प्रधान पद की मतगणना पूरी हुई। इसके बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य की गिनती फाइनल हुई। ग्राम पंचायत सदस्य पद की संख्या अधिक होने से देर तक वोटों की गिनती होती रही। को ई जगह मतगणना शाम तीन बजे तक चली। प्रशासन की विजयी जुलूस निकालने पर सख्त पाबंदी थी। इसलिए पुलिस निर्वाचित प्रतिनिधियों को घर भेजती रही। कुछ प्रधानों को गांव में तनाव के चलते पुलिस सुरक्षा में घर भेजा गया।

विज्ञापन

जिला पंचायत सदस्य के परिणाम को लेकर सांस अटकी रही
जिला पंचायत चुनाव के निर्वाचन अधिकारी सी डीओ होते हैं। इसलिए जिला पंचायत सदस्य  का परिणाम जिला मुख्यालय पर देर शाम घोषित किया गया। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव परिणाम को लेकर प्रत्याशियों व उनके समर्थको में सबसे अधिक बेचैनी रही। जिले में 56 जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं। ब्लाक से जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों को मिले मत के आंकड़े जिला मुख्यालय लाकर कंपाइल किया गया।

प्रत्याशियों में हुई झडप, हुआ हंगामा, मतगणना रूकी
जिला पंचायत सदस्य की मतगणना में कुछ जगह एजेंट के बीच झडप होने की खबर है। हल्दौर मतगणना केन्द्र पर एक निर्दलीय प्रत्याशी के एजेंट द्वारा भाजपा प्रत्याशी को वोट कैंसिल करने के मामले में अशोभनीय व्यवहार किए जाने पर जमकर हंगामा हुआ। मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस ने मौके पर आकर मामला शांत किया। हंगामे के चलते करीब एक घंटा मतगणना रूकी रही।
विज्ञापन

महिलाओं ने साबित किया कि हम पुरूषों से कम नहीं
पंचायत चुनाव में महिलाओं का दबदबा बढ़ा है। दर्जनों  महिलाओं ने अनारक्षित या ओबीसी सीट पर पुरूषों के सामने प्रधान का चुनाव लड़कर जीत का परचम लहराया है । हल्दौर ब्लाक की धनौरी पंचायत की अनारक्षित सीट पर अलका रानी ने चुनाव लड़कर प्रतिद्वंद्वी सोमेंद्र सिंह को 400 से अधिक वोट से शिकस्त दी है।

धोमनपुर से सुशीला ने दीपक शर्मा, अब्दुल्लापुर मुन्ना उर्फ हादरपुर से अनुपम ने उदयवीर सिंह ,चौकपुरी में मिथलेश ने शीशराम ,ननुपुरा में पारूल ने शीशराम, चांचरी टीप में कमलेश ने रामपाल ,रौनिया में अनु देवी ने सत्येन्द्र, कांन्हा नंगला पंचायत में शालू देवी ने प्रदीप, शादीपुर कला में कविता ने जसवंत, गंगोडा जट में फूलवती ने कैलाश सिंह  को हराकर जीत हासिल की है। 

परिवार की परंपरा कायम रखी
धर्मपुरा पंचायत में लगातार एक ही परिवार में पांचवीं बार प्रधानी आई है। क ई अन्य पंचायतों में  भी पिता की  प्रधान पद की विरासत को संभालकर रखा गया है। हल्दौर ब्लाक की ग्राम पंचायत धर्मपुरा में सौबीर सिंह प्रधान चुने गए हैं। उनके परिवार में वर्ष 2000 से लगातार प्रधानी चली आ रही है। फतह उल्लापुर पौटा में पिता मास्टर बलराम के प्रधान रहने के बाद पुत्र विकेंदर सिंह प्रधान बने हैं। मुकरंदपुर पंचायत में धर्मेंद्र भोला चुनाव जीते हैं। इनके पिता सुखबीर सिंह व पिता महावीर सिंह पंचायत के प्रधान रहे हैं। 

आंचल राजपूत ने सबसे अधिक मत से जीतने का रिकाॅर्ड बनाया
हल्दौर ब्लाक की ग्राम पंचायत कुम्हारपुरा में प्रधान पद पर जीती आंचल राजपूत ने सबसे अधिक वोट से जीतने का रिकाॅर्ड बनाया है। आंचल राजपूत को 1353 व उनकी प्रतिद्वंद्वी  सुमन चौहान को 605 वोट मिले हैं। आंचल ने 0748 वोट से जीतने का रिकाॅर्ड बनाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें